जिला अदालत ने कोरोनावायरस के पहले और दूसरे लहर के बीच विजयवाड़ा के पास एक बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पांच युवकों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विजयवाड़ा महिला सत्र न्यायालय की न्यायाधीश आई शैलजा देवी ने उन पांच आरोपियों को सजा सुनाई। सजा में प्रत्येक के ऊपर 1,300 रुपये का जुर्माना भी शामिल है।
वेलपुरी प्रभु कुमार (22), सुनकारा गोपी राजू (22), पोनमला चक्रवर्ती (21), मोरम नागा दुर्गा राव (21) और मैडी फणींद्र कुमार (20) को सजा सुनाई गई है। नगर पुलिस ने बुधवार को एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि ये पांचों युवक ऑटोरिक्शा चालकों के रूप में अपना जीवनयापन कर रहे थे। 16 जून 2021 को विजयवाड़ा के बाहरी इलाके पेनामलुरु के एक एटीएम में सेंध मारने में असफल प्रयास के बाद पाचों युवकों का अपराध सामने आया था।
एटीएम मामले में कुछ पुराने अपराधियों और ऑटोरिक्शा चालकों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद इन पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच पर पता चला है कि ये पांचों ही मित्र है और ज्यादा पैसा कमाने के लिए उन्होंने उस बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया था। बुजुर्ग अपने घर में अकेली रहती थी। पांचों युवक ने वेश बदलकर ऑटोरिक्शा में सब्जी लादकर महिला के घर पहुंचा। उनलोगों ने वहां से पैसा और उसके आभूषण लूटकर वृद्ध महिला की हत्या करके फरार होने का प्लान बनाया था।
पुलिस के अनुसार ये पांचों अपराधियों के गैंग ने अक्तूबर 2020 में सरली(58), नवंबर 2020 में 63 वर्षीय सीता महालक्ष्मी, जनवरी 2021 में 58 वर्षीय तल्लुरू धनलक्ष्मी और उसी साल जून में 85 वर्षीय पापम्मा की हत्या कर चुका है।
हालांकि, बुजुर्ग के शरीर में चोट के कोई निशान न मिलने की वजह से परिवारवालों ने माना कि उनकी मौत स्वाभाविक तरीके से हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक ऑटोरिक्शा और एक मोटरबाइक के अलावा 384 ग्राम सोने के गहने और 10 लाख रुपये बरामद की।
आरोपी इस बुजुर्ग महिला की हत्या के बाद अन्य जगहों जैसे कि विजयवाड़ा के कांकीपाडु, वुय्युरू, पेनामालुरु, तेनाली और मंगलागिरी में जाकर इसी तरह के अपराध को अंजाम देने की यौजना बनाई थी।