अरुण जेटली आज अपनी अंतिम यात्रा पर थे। इस यात्रा के दौरान उनका पार्थिव शरीर बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय लाया गया। उनका शरीर भाजपा के उसी केंद्रीय कक्ष में रखा गया जहां वे अनेक बार पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग किया करते थे। पार्टी का प्रमुख विद्वान नेता होने के नाते हमेशा सबका ध्यान उनकी तरफ रहा करता था। आज भी केंद्रीय कक्ष में सबका ध्यान अरुण जेटली की ही तरफ था।
अंतर था तो बस इतना कि कल तक जो आंखें उनकी तरफ कुछ सीखने के लिए लगी रहती थीं, आज उन्हीं आंखों में आंसू थे। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह हों, रविशंकर प्रसाद हों या स्मृति इरानी या आम जन, जेटली से लगाव महसूस करने के सबके अपने कारण थे। उन संबंधों की ऊष्मा आज आंसू बनकर बह रही थी और पूरा माहौल गमगीन बना रही थी।
बेटी को संभालना
अपने प्रिय नेता को खोने के गम में सभी गमगीन थे, लेकिन अरुण जेटली की बेटी सोनाली जेटली की आंख बार-बार भर आती थी। वे बार-बार रो पड़ती थीं। उनकी इस हालत में कभी भाई रोहन तो कभी स्मृति इरानी उन्हें ढांढस बंधाते दिखे। उनकी मां संगीता जेटली स्वयं बेहद कष्ट में थीं, लेकिन वे भी कई बार उन्हें संभालती दिखाई पड़ीं। सोनाली को देखकर कोई भी समझ सकता था कि वे अपने पिता के कितने करीब रही होंगी। जेटली का विशेष सहायक गोपाल इस दौरान बार-बार उन्हें संभालने में उनकी मदद करता रहा।
भाजपा नेता अमित शाह पूरे समय केंद्रीय कक्ष में ही बैठे रहे। पार्टी के नेता आते रहे और अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देकर जाते रहे, लेकिन अमित शाह वहीं बैठकर शांत निगाहों से पूरी व्यवस्था देखते रहे। पार्टी संगठन मंत्री बीएल संतोष स्वयं बार-बार उठकर लोगों के आने-जाने की व्यवस्था संभालते रहे और पार्टी नेताओं को निर्देश देते रहे।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
अरुण जेटली का पार्थिव शरीर आज रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। पूर्व रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री अरुण जेटली का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। राजधानी के निगमबोध घाट पर उनके बेटे रोहन ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनकी इस अंतिम यात्रा के समय पक्ष-विपक्ष के अनेक नेता मौजूद रहे। अंतिम समय में घाट पर तेज बारिश हो रही थी। ऐसा लग रहा था मानो स्वयं ईश्वर भी अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देना चाहता हो और वह इस बारिश के जरिए जेटली को विदाई दे रहा हो।
भाजपा कार्यालय पर जनता ने किया दर्शन
भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख स्तंभ रहे अरुण जेटली आज जब अपनी अंतिम यात्रा पर थे, उनका पार्थिव शरीर अंतिम बार भाजपा के मुख्यालय 6A, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर रखा गया। जहां प्रमुख पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं, सरकार और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, पत्रकारों और जनता ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कौन-कौन रहे मौजूद
अरुण जेटली की अंतिम यात्रा पर उन्हें विदाई देने के लिए उनकी पत्नी संगीता जेटली, बेटी सोनाली जेटली और बेटे रोहन जेटली के साथ-साथ परिवार के अन्य सभी सदस्य उपस्थित थे। परिवार के अलावा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, योग गुरु बाबा रामदेव, संगठन मंत्री बीएल संतोष, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, दिल्ली भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा, पत्रकार रजत शर्मा, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला सहित हजारों भाजपा नेता, कार्यकर्ता और जनता उपस्थित थे।