संजय राउत, सांसद, शिवसेना यूबीटी
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केंद्र सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने की घोषणा कर दी है, जिसके बाद से विपक्ष लगातार रूप से इसे अपनी जीत मान रहा है। इसी बीच केंद्र के इस फैसले पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा आगामी जनगणना में जाति आधारित आंकड़ों को शामिल करने के फैसले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इसका श्रेय दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह फैसला पहलगाम आतंकी हमले से लोगों का ध्यान हटाने के लिए लिया गया है।
संजर राउत ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
राउत ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब केंद्र सरकार 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर सवालों के घेरे में थी। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह फैसला सवालों से ध्यान भटकाने की रणनीति लगती है।
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समाज के लोग राहुल गांधी को दे रहे श्रेय
राउत ने कहा कि भले ही फैसला कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति (सीसीपीए) ने लिया हो, लेकिन बहुजन समाज, दलित और वंचित वर्ग इसके लिए राहुल गांधी को श्रेय दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले 10 वर्षों से लगातार जातिगत जनगणना की मांग करते आ रहे हैं, इसलिए यह उनकी एक बड़ी राजनीतिक जीत है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह फैसला बिहार और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर भी लिया गया हो सकता है। इसके साथ ही राउत ने यह भी दावा किया कि भाजपा पहले जाति आधारित जनगणना का विरोध करती रही है, लेकिन अब उसे झुकना पड़ा।
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शरद पवार के बयान का किया स्वागत
इसके अलावा अपने बयान में संजय राउत ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सुलह की बात कही थी। साथ ही राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे भी इस मुद्दे पर काफी सकारात्मक हैं।