येचुरी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्ति, जो लोगों की संपत्ति है, जनता की अनुमति के बिना बेची जा रही है। यह आवश्यक है कि युवा खड़े हों और अपने अधिकारों के लिए लड़ें।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने गुरुवार को युवाओं केंद्र सरकार की नींद हराम करने की अपील की साथ ही उन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ने का आह्वान किया। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) ने द्वारा आयोजित रैली में सीताराम येचुरी ने कहा कि युवाओं को यह तय करना होगा कि भारत का भविष्य क्या होगा।
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उन्होंने कहा कि सालों पहले, हमने सभी के लिए नौकरी, सभी के लिए शिक्षा का नारा दिया था। अब, इसे आगे बढ़ाया जाना चाहिए, अन्यथा हम मोदी सरकार की रातों की नींद हराम कर देंगे। केवल युवा ही कर सकते हैं, उनकी रातों की नींद हराम कर दो।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर दुष्प्रचार और असत्य के नाम पर देश को लूटने का भी आरोप लगाया। आगे कहा कि पीएम मोदी ने भाषण दिया था कि हम दुनिया को दिखा रहे हैं कि गरीबी को कैसे खत्म किया जाए। यह एक पूर्ण धोखा है और हम सभी जानते हैं कि दुनिया भर में दो-तिहाई गरीब भारत से आते हैं। देश गरीबी और भूख के स्तर पर काफी नीचे चला गया है।
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केंद्र पर सरकारी संपत्ति बेचने का आरोप लगाते हुए येचुरी ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्ति, जो लोगों की संपत्ति है, जनता की अनुमति के बिना बेची जा रही है। यह आवश्यक है कि युवा खड़े हों और अपने अधिकारों के लिए लड़ें।
आगे येचुरी ने कहा कि बड़े उद्योगपतियों के 11 लाख करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए गए हैं, लेकिन पैसा इकट्ठा करके बुनियादी ढांचे, सड़कों, शैक्षणिक संस्थानों और गांवों के विकास के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए था। इस पैसे को सार्वजनिक निवेश पर इस्तेमाल करने से कई नई नौकरियां पैदा हो सकती थीं और आप सभी को रोजगार मिल सकता था। अर्थव्यवस्था भी पुनर्जीवित होती लेकिन ऐसा नहीं हुआ।