हाल ही में सीताराम येचुरी ने कहा था कि 2024 के आम चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से भिड़ने के लिए एक आम विपक्षी चेहरे के बारे में सवाल बेकार है। येचुरी ने कहा कि आम चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच एकता राज्य स्तर पर बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह माकपा का प्रयास है कि धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक ताकतों की अधिकतम एकता हो।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी महासचिव सीताराम येचुरी ने रविवार को एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है। साथ ही उन्होंने लोगों से भाजपा को वोट ना देने की अपील भी की है। माकपा नेता ने रविवार को कहा कि संविधान की रक्षा और लोगों के अधिकारों की गारंटी के लिए भाजपा को सत्ता से बाहर रखा जाना चाहिए।
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हैदराबाद में उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि हैदराबाद लिबरेशन में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर इतिहास को विकृत करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यदि आप भारत को एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में बचाना चाहते हैं, यदि आप भारतीय संविधान की रक्षा करना चाहते हैं और लोगों के लिए अधिकार चाहते हैं तो आपको भाजपा को राजनीतिक सत्ता और सरकारी नियंत्रण से दूर रखना होगा।
नीतीश कुमार के साथ हुई हालिया मुलाकात के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को होने वाली इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की रैली और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विभिन्न नेताओं के साथ हुईं बैठकें धर्मनिरपेक्ष दलों को एक साझा एजेंडे में लाने की पहल हैं।
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सीताराम येचुरी ने आगे कहा कि भाजपा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर हैदराबाद राज्य के अनुबंध पर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। भाजपा तेलंगाना में सत्ता में आना चाहती है इसलिए वे इतिहास को विकृत कर रहे हैं और सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं।
इससे पहले, हाल ही में सीताराम येचुरी ने कहा था कि 2024 के आम चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए से भिड़ने के लिए एक आम विपक्षी चेहरे के बारे में सवाल बेकार है। येचुरी ने कहा कि आम चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच एकता राज्य स्तर पर बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह माकपा का प्रयास है कि धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक ताकतों की अधिकतम एकता हो। येचुरी ने कहा कि आम चुनाव राष्ट्रपति चुनाव नहीं है और 2004 के लोकसभा चुनावों के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ एक आम विपक्षी उम्मीदवार के बारे में भी सवाल थे लेकिन भाजपा के खिलाफ वोट दिया गया था।