केंद्र के नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ माकपा ने 4 फरवरी को देशभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस बिल के खिलाफ असम समेत पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। अब माकपा ने भी इस बिल के खिलाफ सड़क पर उतरने का फैसला किया है। माकपा पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान में इस बिल की आलोचना की गई है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी जदयू भी इस बिल का विरोध कर रही है। जदयू भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का घटक दल है। लोकसभा में पारित हो चुका यह बिल कानून बनने के बाद, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता प्रदान करेगा।