A. N. Shamseer
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हिंदू देवी-देवताओं पर विवादित टिप्पणी करने वाले केरल में विधानसभा अध्यक्ष शमसीर के खिलाफ भारी विरोध जारी है। इस बीच उन्होंने एक बयान दिया है जिसमें शमसीर ने कहा कि मेरा इरादा कभी किसी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। लेकिन केरल में सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) बुधवार को कड़े लहजे में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष एएन शमसीर हिंदू देवताओं के बारे में अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगेंगे।
केरल विधानसभा अध्यक्ष ए एन शमसीर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उनका इरादा कभी भी किसी धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। इस मामले पर राज्य में जो हो रहा है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
विधानसभा अध्यक्ष शमसीर ने जो कहा वह पूरी तरह सही
सीपीआई (एम) के इस बयान के बाद केरल में राजनीति हलचल बढ़ने के आसार हैं। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने तिरुवनंतपुरम पार्टी मुख्यालय एकेजी सेंटर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि शमसीर के बयान के संबंध में किसी माफी या सुधार जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष शमसीर ने जो कहा वह पूरी तरह सही है।
शमसीर ने कही थी यह बड़ी बात
एर्नाकुलम जिले के स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शमसीर ने केंद्र सरकार पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उपलब्धि के बजाय बच्चों को हिंदू मिथक सिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। स्पीकर ने कहा था कि भगवान गणेश एक मिथक हैं और इस मान्यता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और भाजपा जैसे दल भी शमसीर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान गणेश और पुष्पक विमान को लेकर अध्यक्ष द्वारा की गई टिप्पणियों से व्यथित हैं। सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने शनिवार को शमसीर की कथित विवादास्पद टिप्पणी को लेकर संघ परिवार द्वारा उनके खिलाफ चलाए गए अभियान की कड़ी निंदा की थी।
एनएसएस ने किया विरोध
विधानसभा अध्यक्ष शमसीर का विरोध करते हुए सोमवार को एनएसएस महासचिव जी सुकुमारन नायर ने कहा कि अध्यक्ष की टिप्पणियाँ स्वीकार्य नहीं है फिर चाहे वह किसी भी परिस्थितियों या संदर्भ में की गईं हों। संगठन का कहना है कि शमसीर का बयान अतिश्योक्तिपूर्ण हो गया। हर धर्म की अपनी मान्यताओं होती हैं। इनपर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है। धार्मिक विवाद फैलाने के किसी भी कदम को स्वीकार नहीं किया जा सकता। वे अध्यक्ष पद के योग्य नहीं हैं। स्पीकर को धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले बयान वापस लेने चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।