भारत ने कहा है कि पीओके के रास्ते गुजर रहा चीन-पाक आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है, ऐसे में चीन ही बताए कि भारत इस साल होने वाली सिल्क रोड समिट में हिस्सा कैसे ले। विदेश सचिव जयशंकर ने कहा, ‘चीन ने सम्मेलन में शामिल होने के लिए न्योता दिया है। हम इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा, वास्तविकता यह है कि सीपीईसी इस विशेष पहल का ही एक हिस्सा है। सीपीईसी भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करता है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजर रहा है।
ऐसे में चीन जो खुद अपनी संप्रभुता संबंधी चिंताओं को लेकर संवेदनशील है, वही बताए कि कोई देश जिसकी संप्रभुता का उल्लंघन हो रहा हो वह इस सम्मेलन में कैसे शामिल हो। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मई में प्रस्तावित इस सम्मेलन में कम से कम 20 देशों के नेता भाग लेंगे।