केंद्रीय चिड़ियाघर अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अमेरिका में एक बाघ में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भारत के तमाम चिड़ियाघरों को हाईअलर्ट कर दिया गया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत आने वाले इस अथॉरिटी ने एक्टिविस्ट संगीता डोगरा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है।
याचिका में कहा गया था कि कोरोना वायरस के मद्देनजर तत्काल तमाम चिड़ियाघरों के जानवरों को विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है और साथ ही उनका नियमित रूप से चेकअप जरूरी है।
हलफनामे में जरिए दाखिल जवाब में अथॉरिटी ने कहा है कि किसी भी जानवर में तनिक भी संदेह होने पर उसके सैम्पल को पशु चिकित्सा संस्थान में भेजा जाता है। इसके अलावा देश के तमाम चिड़ियाघरों में जानवरों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अगर किसी जानवर की गतिविधियां संदिग्ध पाई जाती हैं तो उसे दूसरे जानवरों से अलग रखा जाता है। उससे कम से कम संपर्क करने की कोशिश की जाती है। सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए दिशानिर्देश के अनुसार चिड़ियाघर के तमाम कर्मचारियों को सुरक्षा बरतने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट 20 अप्रैल को इस मामले पर सुनवाई करेगा।