उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में होली को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, कहीं भी बिना अनुमति कोई होली मिलन समारोह नहीं होगा। किसी भी जगह बिना प्रशासन की अनुमति के सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किए जाएंगे। लोगों को मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जमा होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होगी। योगी सरकार ने प्रदेश में फिर से कोविड हेल्प डेस्क को फिर से सक्रिय करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा कक्षा एक से आठ तक के सभी परिषदीय और निजी विद्यालयों में 24 से 31 मार्च तक होली का अवकाश रखा जाएगा। बाकी शिक्षण संस्थानों में जहां परीक्षाएं आयोजित नहीं हो रही हैं, वहां 25 से 31 मार्च तक छुट्टी रहेगी। आदेश में कहा गया है कि कोरोना से बचाव व उपचार की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए संक्रमण की स्थिति को रोकने के सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
उत्तराखंड सरकार ने भी होली के त्योहार को देखते हुए ताजा गाइडलाइन जारी कर दी है। मुख्य सचिव ने कहा कि संक्रमण में तेजी आई है और होली के त्योहार को देखते हुए कोरोना वायरस से बचाव के दिशानिर्देशों का सख्त अनुपालन जरूरी है ताकि महामारी को नियंत्रित रखा जा सके।
उन्होंने जनता के कोविड-19 से बचाव संबंधी दिशानिर्देशों का प्रचार- प्रसार करने का निर्देश दिया। सरकार ने आदेश जारी किया कि होलिका दहन में महज 50 फीसदी लोगों को रहने की इजाजत होगी। बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को इसमें शामिल होने की मंजूरी नहीं होगी।
इसके अलावा उत्तराखंड के कंटेनमेंट जोन्स में होली मनाने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इन इलाकों में लोग अपने घरों में ही होली खेल सकते हैं। होली के दिन फूड आइटम्स एक-दूसरे परिवार में नहीं बांटे जाएंगे।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के कारण झारखंड में कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके तहत सार्वजनिक रूप से होली, सरहुल, शब-ए-बारात, नवरात्रि रामनवमी, ईस्टर आदि त्योहार मनाने पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है।
अब लोग अपने घर पर ही परिवार के बीच सीमित रहकर ही इन त्योहारों को मना सकेंगे। सरकार की तरफ से कहा गया है कि रामनवमी और सरहुल पर जुलूस नहीं निकलेंगे। इतना ही नहीं आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर जिला प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।
देश के कई अन्य राज्यों में भी इस प्रकार की रोक लगाई जा चुकी है। सरकार के आदेश से स्पष्ट है कि क्लब, बैंक्वेट हॉल, पंडाल आदि में उपरोक्त त्योहारों का सार्वजनिक आयोजन नहीं किया जा सकेगा और ना ही इन त्योहारों पर कहीं पर भीड़ लगाई जा सकेगी। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन के बाहर दी गई छूट कुछ शर्तों के साथ जारी रहेगी।
दिल्ली में होली समेत अन्य त्योहारों पर सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। इकट्ठा होकर होली खेलने की इजाजत नहीं है। लोगों को घरों में ही होली खेलने को कहा गया है। दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने भीड़ इकट्ठा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है।
किसी भी सार्वजनिक जगहों पर होली उत्सव मनाने पर रोक लगाई गई है। मुख्य सचिव विजय देव ने अधिकारियों को दिए अपने आदेश में कहा, 'सभी संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि होली, शब ए बारात, नवरात्रि आदि आगामी त्योहार के दौरान भीड़ इकट्ठा न हो।
बिहार में होली के रंग में भंग
बिहार में भी इस बार होली का रंग पहले जैसा नहीं दिखेगा। बिहार में होली को लेकर सार्वजनिक समारोहों पर पाबंदी लगा दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपील की है कि होली के समय सार्वजनिक आयोजन न करें, क्योंकि यहां भी कोविड मामले बढ़ने लगे हैं।
उन्होंने कहा, हम सभी लोगों से आग्रह करेंगे की सजग और सचेत रहें। दूसरे कई देशों और हमारे कई राज्यों में मामले बढ़ने लगे हैं। अन्य राज्यों की तरह बिहार की हालत उतनी बुरी नहीं, फिर भी हमें सचेत रहना होगा।
संक्रमण के प्रसार को रोकने लिए शिवराज सरकार बेहद सख्ती बरत रही है। राज्य में 20 से ज्यादा कोरोना केस वाले जिलों में अगले आदेश तक स्विमिंग पूल, क्लब और सिनेमाघर बंद रहेंगे। पहले तीन जिलों- भोपाल, इंदौर और जबलपुर में संडे लॉकडाउन लगाया था, जिसे बढ़ाकर अब 12 जिलों में लागू कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने शुक्रवार देर शाम विदिशा, उज्जैन, ग्वालियर, नरसिंहपुर शहरों के साथ छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में भी रविवार को लॉकडाउन का एलान कर दिया है। इससे पहले भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रतलाम, बैतूल और छिंदवाड़ा और खरगोन में रविवार लॉकडाउन हो रहा है। इस तरह अब 12 शहरों में इस रविवार लॉकडाउन रहेगा। लॉकडाउन शनिवार रात 10 बजे से शुरू होगा और सोमवार सुबह छह बजे तक लागू रहेगा।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, खरगोन और रतलाम में रेस्तरां में बैठकर खाने पर पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि, यहां खाना पैक कराने और होम डिलीवरी के लिए रेस्तरां खुले रहेंगे। वहीं जिन जिलों में 20 से अधिक कोरोना मामले हैं, वहां शादी समारोह में 50 और शवयात्रा में 20 से अधिक लोगों के शामिल होने पर पाबंदी लगा दी गई है। वहीं, आने वाले त्योहार शब-ए-बारात, ईस्टर और होली खेलने के दौरान ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर भी पाबंदी है। इसके अलावा सार्वजनिक जगहों पर भी त्योहार मनाने पर भी पाबंदी लागू है।
मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने बताया कि महानगर में 28 मार्च की रात 10 या 11 बजे से नाइट कर्फ्यू लगाया जा सकता है।
ओडिशा में 210 और लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद शनिवार को संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,39,904 हो गई। जबकि संक्रमण से एक और मौत होने से राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,920 हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
कोरोना वायरस के एक नए स्वरूप का पता चलने के बाद ओडिशा सरकार ने मौजूदा स्थिति को 'गंभीर' करार दिया। राज्य में लगातार तीसरे दिन 200 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को 234 और बृहस्पतिवार को 214 नए मामले सामने आए थे।
राज्य के 30 जिलों में से 21 में नए मामले सामने आए हैं। राज्य में अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1,449 है, जबकि अब तक 3,36,482 लोग बीमारी से उबर चुके हैं। राज्य में अब तक कोविड-19 के 89.49 लाख से अधिक नमूनों की जांच हो चुकी है।
तेलंगाना में कोरोना वायरस के 495 नए मामले सामने आए, जिससे राज्य में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 3.05 लाख तक पहुंच गए। वहीं, संक्रमण से दो और लोगों की मृत्यु होने के साथ राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,685 हो गई।
राज्य सरकार के एक बुलेटिन में कहा गया कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) में सबसे अधिक 142 मामले सामने आए, इसके बाद मेडचल मल्काजगिरी और रंगारेड्डी जिले में क्रमशः 45 और 35 मामले सामने आए।
बुलेटिन में कहा गया है कि 26 मार्च को 247 मरीज संक्रमण से ठीक हुए। राज्य में अब तक ठीक हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 2,99,878 हो गई, जबकि 4,241 मरीजों का इलाज चल रहा है। बुलेटिन में कहा गया कि 26 मार्च को 58,029 नमूनों की जांच की गई। अब तक कुल 99,61,154 नमूनों की जांच हो चुकी है।
पुडुचेरी में शनिवार को कोरोना वायरस के 128 नए मामले सामने आए, जिससे यहां संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 40,964 हो गए। पिछले चौबीस घंटों के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में एक और संक्रमित की मौत होने से मृतकों की संख्या 680 हो गई।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सेवा विभाग के निदेशक एस मोहन कुमार ने कहा कि अब 846 मरीजों का इलाज चल रहा है और अब तक 39,438 रोगी ठीक हो चुके हैं और उन्हें छुट्टी दे दी गई। निदेशक ने कहा कि पिछले चौबीस घंटों के दौरान ठीक होने के बाद 36 मरीजों को छुट्टी दे दी गई।
केंद्र शासित प्रदेश में मृत्यु दर और ठीक होने की दर क्रमशः 1.66 प्रतिशत और 96.27 प्रतिशत है। अब तक 6.63 लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है। निदेशक ने कहा कि 24,389 स्वास्थ्य कर्मियों और 10,158 अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को टीके लगाए गए हैं। विभाग ने 25,928 लोगों (वरिष्ठ नागरिकों और 45 वर्ष से अधिक आयु वाले विभिन्न रोगों व्यक्ति) को भी टीके लगाए गए हैं।