कोरोना वायरस को लेकर इन दिनों देश के तमाम वैज्ञानिक संगठन एक ही जैसी चीजों को बनाने में जुटे हैं। हर कोई मास्क, सैनिटाइजर, एंटीबॉडी किट, आरटी पीसीआर, अस्पतालों का ढांचा इत्यादि बनाने में जुटा है।
इसके चलते न सिर्फ वक्त निकल रहा है बल्कि सरकार को भी सटीक व आसान चीज उपलब्ध नहीं हो पा रही है, इसीलिए अब सरकार ने इन संगठनों को सख्त सलाह देते हुए आपस में पहले तालमेल बिठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रोजेक्ट पर एकसाथ काम शुरू करने के लिए कहा है।
उदाहरण के तौर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन बॉयोटेक्नोलॉजी, सीएसआईआर, विज्ञान तकनीकी सहित अन्य स्वायत्त शोध संस्थान कार्यरत हैं। इस वक्त इन सभी विभागों में वैज्ञानिक एक जैसी चीजों के अध्ययन, शोध और अभियांत्रिकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर उत्पाद बनाने में जुटे हैं लेकिन सरकार चाहती है कि ये सभी विभाग पहले एक होकर साथ बैठें और फिर यह तय करें कि कौन क्या बनाएगा?
ऐसा करने से समय भी बचेगा और कम संसाधनों में बेहतर कार्य किए जा सकेंगे। केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को सीएसआईआर के महानिदेशक व अन्य वैज्ञानिकों को अगले सप्ताह सभी विभागों के मुख्य अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं।
इस बैठक में हर प्रोजेक्ट के लिए टीमें बनेंगी। इनके बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए एक शीर्ष अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और उन्हीं से रिपोर्ट सरकार मांगेंगी। एजेंसी