गुरुचरण दास ने कहा कि अभी तीन चरणों की घोषणा से यही लग रहा है कि केंद्र सरकार बहुत सुरक्षित रास्ता अख्तियार करके चल रही है। वह बैंको, वित्तीय संस्थाओं आदि के जरिए एमएसएमई, कंपनियों, कारोबारियों, लोगों को कर्ज दे रही है। दास ने कहा कि सरकार का मकसद ऐसे आपात समय में कर्ज देकर लोगों से उनकी जिम्मेदारी को पूरी कराना, कंपनियों के कामकाज को गति देना है।
इससे अभी लोगों के हाथ में पैसा नहीं है। कामकाज शुरू करने के लिए उन्हें वित्तीय मदद चाहिए। वह बैंक आदि से लोन लेकर उसे पूरा करेंगे और बाद में कमाई करके सरकार की संस्थाओं, बैंको, वित्तीय संस्थानों को पैसा लोटा देंगे। गुरुचरण दास ने कहा कि इसके लिए सरकार को ब्याज की दर कम रखनी चाहिए थी।
अभी कम ब्याजदर की घोषणा नहीं हुई है। संभव है कि यह बाद में हो। इस तरह से आप कह सकते हैं कि सरकार ने कोई जोखिम लेने(बजट से न्यूनतम खर्चकर) से परहेज किया है।