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Coronavirus: क्या पीक पर पहुंच गई कोरोना की दूसरी लहर, जानें क्या कहते हैं संकेत?

Sun, 09 May 2021 12:44 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पिछले चार दिन से लगातार हर रोज 4 लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिल रहे हैं। वहीं आज लगातार दूसरे दिन 4,000 से ज्यादा लोगों की जान गई है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि देश में दूसरी लहर अपने चरम यानी पीक पर पहुंच रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है। पिछले चार दिन से लगातार हर रोज 4 लाख से ज्यादा नए कोरोना मरीज मिल रहे हैं। वहीं आज लगातार दूसरे दिन 4,000 से ज्यादा लोगों की जान गई है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि देश में दूसरी लहर अपने चरम यानी पीक पर पहुंच रही है।

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कोरोना वायरस की दूसरी लहर की शुरुआत फरवरी के मध्य में हुई थी। तब से शुक्रवार को पहली बार संक्रमण के रोजाना मामलों के साप्ताहिक औसत में गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि, यह गिरावट बहुत ज्यादा नहीं थी। लेकिन, सप्ताह के दौरान यह रोजाना मामलों में कमी की ओर इशारा करता है।

साप्ताहिक औसत में आई गिरावट 
शनिवार को कुल मामलों का साप्ताहिक औसत 3,91,263 रहा। पिछले सप्ताह के दौरान इसमें 20,117 की बढ़ोतरी हुई। वहीं, 1 मई को समाप्त हुए हफ्ते के दौरान यह बढ़त 61,173 रही थी। 17-24 अप्रैल के दौरान इसमें 1,06,024 की भारी वृद्धि हुई थी।

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आगामी हफ्ता अहम

कोरोना की दूसरी लहर के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। साप्ताहिक औसत ग्राफ नीचे की ओर आ रहा है। लेकिन, किसी ठोस नतीजे तक पहुंचने के लिए इस ट्रेंड को अगले हफ्ते भी जारी रहना होगा। तभी यह कहना मुमकिन होगा कि दूसरी लहर अपने चरम तक पहुंच चुकी है या नहीं। 

दूसरी लहर: ये हैं चुनौतियां
कोरोना वायरस की दूसरी लहर को लेकर कई तरह की अनिश्चितताएं हैं। पहली यह कि देश में पॉजिटिविटी रेट यानी लोगों के संक्रमित होने की दर अब भी बहुत ज्यादा 22 फीसदी है। पिछले तीन दिनों में लगातार पॉजिटिविटी रेट करीब 22 फीसदी ही रहा है। इसके अलावा कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले अब भी बढ़ रहे हैं। इन राज्यों में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, असम, बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं।

राजस्थान और बिहार के हालात बेहद खराब
राजस्थान और बिहार में मामलों में बढ़ोतरी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बनी हुई है। अच्छी बात यह है कि महाराष्ट्र में साप्ताहिक मामलों में कमी आ रही है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी रफ्तार घटी है। कोरोना ने इन राज्यों पर खासा कहर बरपाया है।
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