कोरोना की दूसरी लहर के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। साप्ताहिक औसत ग्राफ नीचे की ओर आ रहा है। लेकिन, किसी ठोस नतीजे तक पहुंचने के लिए इस ट्रेंड को अगले हफ्ते भी जारी रहना होगा। तभी यह कहना मुमकिन होगा कि दूसरी लहर अपने चरम तक पहुंच चुकी है या नहीं।
दूसरी लहर: ये हैं चुनौतियां
कोरोना वायरस की दूसरी लहर को लेकर कई तरह की अनिश्चितताएं हैं। पहली यह कि देश में पॉजिटिविटी रेट यानी लोगों के संक्रमित होने की दर अब भी बहुत ज्यादा 22 फीसदी है। पिछले तीन दिनों में लगातार पॉजिटिविटी रेट करीब 22 फीसदी ही रहा है। इसके अलावा कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले अब भी बढ़ रहे हैं। इन राज्यों में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, असम, बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं।
राजस्थान और बिहार के हालात बेहद खराब
राजस्थान और बिहार में मामलों में बढ़ोतरी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बनी हुई है। अच्छी बात यह है कि महाराष्ट्र में साप्ताहिक मामलों में कमी आ रही है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी रफ्तार घटी है। कोरोना ने इन राज्यों पर खासा कहर बरपाया है।