चेन्नई के ग्लेनीगल्स ग्लोबल हॉस्पिटल में कर्करोग विभाग में सेवाएं दे रहीं शाइनी आर छह माह की गर्भवती हैं।जिस वक्त उन्हें की खुद की केयर और आराम की बेहद जरूरत है, उस दौर में वे मरीजों की जान बचा रही हैं। दरअसल, कोरोना के चलते डॉक्टर पर दबाव बढ़ गया है, ऐसे शाइनी सब छोड़ मरीजों की देखभाल में जुटीं हैं। शाइनी बताती हैं कि खतरा बहुत है, परिवार वाले चिंता में रहते हैं, लेकिन मैं उन्हें आश्वासन देती हूं कि कुछ नहीं होगा मुझे। सब ठीक होगा। मैं अपना और मरीजों का अच्छे से ख्याल रखूंगी।
डॉ. स्पुर्थी अरुण: परिवार के लिए नहीं मिलता वक्त
चेन्नई के प्रोमेड हॉस्पिटल में चिकित्सक और प्रबंध निदेशक डॉ. स्पुर्थी अरुण तीन बच्चों की मां हैं। उनके पति भी पेशे से डॉक्टर हैं। डॉ.स्पुर्थी बताती हैं कि ऐसे में परिवार हम दोनों को परिवार के साथ वक्त बिताने का समय ही नहीं मिलता। हम दोनों संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं, इसलिए बच्चों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखती हूं। उन्हें पहले की तरह न गले लगा पाती हूं और न वक्त दे पाती हूं। वे कहती हैं कि उम्मीद है कि हालात जल्द सुधरेंगे और फिर हम पहले की तरह खुश हो पाएंगे। परिवार के साथ वक्त गुजार पाएंगे।