केंद्र सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थितियों पर चर्चा करने के लिए 4 दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस भी शामिल होगी। हालांकि, मार्च में जब लॉकडाउन लागू करने की घोषणा हुई थी, तब इस प्रकार की बैठक न बुलाने को लेकर पार्टी ने नाराजगी जाहिर की है।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। इस दौरान वह विभिन्न दलों और संसदों के दोनों सदनों के नेताओं से संवाद करेंगे।बैठक में सांसदों को केंद्र द्वारा कोरोना महामारी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी जा सकती है। इस दौरान कोरोना के टीके के विकास और वितरण संबंधी मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है।
नाम उजागर न करने की शर्त पर तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकसभा में हमारे नेता सुदीप बंद्योपाध्याय और राज्यसभा में हमारे नेता डेरेक ओ ब्रायन इस बैठक में शामिल होंगे। पार्टी बैठक के दौरान अपने विचार रखेगी। तृणमूल नेता ने कहा कि मार्च में पहली बार लॉकडाउन लगाने से पहले केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई और न ही मुख्यमंत्रियों से इस बाबत चर्चा की। उस समय भी सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी।
शाह और राजनाथ भी लेंगे भाग
सूत्रों ने कहा कि चार दिसंबर को होने वाली बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के अलावा स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के भी बैठक में शामिल होंगे। कोविड-19 की स्थिति पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई यह दूसरी सर्वदलीय बैठक होगी।
इस सर्वदलीय बैठक में छोटे दलों ने भी शामिल होने की इच्छा जाहिर की है। इसको लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को मंगलवार को एक पत्र लिखा। सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र में लिखा कि 4 दिसंबर को कोरोना पर सर्वदलीय बैठक के दौरान छोटे दलों के सांसदों को अपनी राय और सुझाव साझा करने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए।