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सुप्रीम कोर्ट ने कहा: अदालत का संबंध न्यायिक समीक्षा प्रक्रिया में निर्णय लेने की कार्यवाही से है

Wed, 19 Jan 2022 07:12 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाई कोर्ट ने याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि इस तरह का चयन अधिकार का मामला नहीं है।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि न्यायिक समीक्षा की प्रक्रिया में अदालत का संबंध निर्णय लेने की प्रक्रिया से हैं, खुद निर्णय से नहीं। न्यायमूर्ति के एम जोसेफ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

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हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि इस तरह का चयन अधिकार का मामला नहीं है। न्यायिक समीक्षा की कार्यवाही में अदालत निर्णय लेने की प्रक्रिया से संबंधित होते हैं, न कि निर्णय से, पीठ ने कहा। याचिका में कांस्टेबल की शिकायत थी कि उसे 2004 में ही पदोन्नत कर दिया जाना चाहिए था और 2008 में उसकी नियुक्ति में देरी अवैध और मनमाना है।

अपील में कहा गया है कि पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को पुलिस अधीक्षक की सिफारिश में हस्तक्षेप करने की कोई शक्ति नहीं है और आईजी अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कार्य नहीं करते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह कभी नहीं कहा जा सकता है कि शुरुआती चरण में एसपी की सिफारिश ही पदोन्नति के अधिकार का दावा करने के लिए पर्याप्त है।

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