देशमुख फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया है। सौ करोड़ वसूली के आरोप पर बांबे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने मामले की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की थी।
सौ करोड़ वसूली से जुड़े धनशोधन मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और उनके दो बेटों के खिलाफ विशेष अदालत ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप-पत्र का संज्ञान लिया। विशेष धन शोधन रोकथाम अधनियम (पीएमएलए) अदालत के न्यायाधीश आर.एन. रोकड़े ने आरोप-पत्र का संज्ञान लेने के बाद आरोपियों के खिलाफ नोटिस की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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बीते दिसंबर में ईडी ने अदालत में धनशोधन से जुड़े मामले में 7,000 पृष्ठों का पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। ईडी ने इसमें देशमुख के अलावा उनके दो बेटों को भी आरोपी के तौर पर नामजद किया था। न्यायाधीश आरएन रोकडे ने इस आरोप-पत्र का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ नोटिस (प्रोसेस) जारी किया है।
देशमुख को ईडी ने नवंबर 2021 को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। देशमुख फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया है। सौ करोड़ वसूली के आरोप पर बांबे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने मामले की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ईडी ने देशमुख के खिलाफ जांच की शुरुआत की थी।
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ईडी के मुताबिक, देशमुख जब राज्य के गृहमंत्री थे तो उन्होंने कथित रुप से पुलिस अधिकारी सचिन वाझे के माध्यम से अपने पद का दुरुपयोग किया था। इस मामले में नागपुर स्थित एक संस्थान के जरिए मनी लांड्रिंग की गई थी। इस संस्थान पर देशमुख व उनके परिवार का नियंत्रण है। इससे पहले ईडी ने देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे व निजी सहायक कुंदन शिंदे सहित 14 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।