बेटे भगीरथ के साथ बंदी संजय कुमार
- फोटो : आईएएनएस
हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री बी. संजय कुमार के बेटे भागीरथ के खिलाफ दर्ज पॉक्सो मामले में पुलिस की हिरासत याचिका पर फैसला 26 मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया। पुलिस ने भागीरथ की तीन दिन की हिरासत मांगी थी, जबकि उनके वकील ने याचिका खारिज करने की मांग की।
हालांकि, भागीरथ के वकील करुणा सागर ने दलील दी कि अगर अदालत हिरासत की अनुमति देती है, तो पुलिस को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों के अनुसार, पूछताछ सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे के बीच उनके वकील की मौजूदगी में की जानी चाहिए और किसी तरह की जबरदस्ती या थर्ड डिग्री तरीके का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
भागीरथ को 16 मई की रात पॉक्सो मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने भागीरथ को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
केंद्रीय मंत्री के बेटे पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो कानून की संबंधित धाराओं के तहत यह मामला आठ मई को दर्ज किया गया था। 17 वर्षीय लड़की की मां ने शिकायत में आरोप लगाया था कि भागीरथ उसकी बेटी के साथ रिश्ते में था और उसने उसका यौन उत्पीड़न किया।
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भागीरथ की ओर दर्ज शिकायत में क्या कहा गया?
- भागीरथ ने भी जवाबी शिकायत दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि लड़की उनके संपर्क में आई थी और उसने उन्हें पारिवारिक कार्यक्रमों और सामूहिक आयोजनों में बुलाया था।
- उनकी शिकायत के आधार पर भी एक एफआईआर दर्ज की गई थी।
- भागीरथ ने कहा कि लड़की के परिवार को भरोसेमंद मानकर वह दोस्तों के समूह के साथ कुछ धार्मिक स्थलों की यात्रा पर भी गए थे।
- उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बाद में लड़की और उसके माता-पिता ने उन पर शादी करने का दबाव बनाया। जब उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो लड़की के माता-पिता ने कथित तौर पर उनसे पैसे मांगे और भुगतान न करने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।