फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर गैंगरेप के मामलों को जल्द निपटाने का आदेश

Mon, 25 Jul 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान हुई गैंगरेप की घटनाओं से जुड़े मुकदमों का तेजी से निपटारा करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने यह आदेश यह देखते हुए दिया कि इन मामलों का ट्रायल बेहद धीमी गति से हो रहा है।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति आदर्श गोयल की पीठ ने मुजफ्फरनगर के जिला जज को निर्देश दिया है कि इन गैंगरेप के मुकदमों को तेजी से निपटाया जाए। पीठ ने जिला जज को मुकदमों की कार्रवाई पर निगरानी रखने के लिए कहा है। मालूम हो कि मुजफ्फरनगर की जिला अदालत में पांच मुकदमे चल रही है। जबकि एक मुकदमे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इन मामलों को कुल 22 आरोपी हैं।

इससे पहले पीड़ित पक्ष की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि इन मुकदमों में कुछ नहीं हो रहा है। सिर्फ तारीखें पड़ रही हैं। दो आरोपियों कुलदीप और वेदपाल को जमानत भी मिल चुकी है। पीड़िता को परेशान किया जा रहा है। राज्य सरकार इन मुकदमों को लेकर गंभीर नहीं है।
विज्ञापन


शुरुआत में पीठ ने वृंदा ग्रोवर को हाईकोर्ट के पास जाने के लिए कहा। लेकिन वृंदा ग्रोवर ने पीठ को बताया कि दो तारीखों पर पीड़िता को बुलाया गया लेकिन सुनवाई टल गई। तीसरी तारीख पर पीड़िता ने बलात्कार की घटना तो कबूल की लेकिन आरोपियों को पहचाने से इनकार कर दिया। 
विज्ञापन

अथॉरिटी से संपर्क किया, कोई नतीजा नहीं निकला

उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने संबंधित अथॉरिटी से संपर्क भी किया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने पीठ से गुहार लगाई कि वह इस संबंध में आदेश पारित करें।

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह कहना गलत है कि सरकार इन मामलों को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने बताया कि जिन दो आरोपियों को जमानत मिली थी उनकेखिलाफ सरकार हाईकोर्ट भी गई थी लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गईं।

पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद इन मामलों को तेज गति से सुनने का निर्देश देते हुए जल्द निपटारा करने का आदेश दिया है। जिला जज को इन मामलों पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है। राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने भी कहा कि इन मामलों का जल्द निपटारा हो, इसमें उसकी ओर से कोई आपत्ति नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें