भगौड़ा घोषित किए जा चुके कारोबारी विजय माल्या की 4200 करोड़ की संपत्ति जब्त करने के ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के फैसले को एक विशेष अदालत ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद माल्या पर एजेंसी तेजी से कार्रवाई कर सकेगी।
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में "मनी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट" के तहत ईडी पिछले साल ही विजय माल्या की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी कर चुकी है। इस आदेश में 4200 करोड़ के भुगतान के लिए माल्या की कई संपत्तियों की कुर्की होनी है।
जिसमें उनके फ्लैट, फार्म हाउस, शेयर और फिक्स्ड डिपॉजिट शामिल हैं। ये संपत्तियां माल्या और उनकी सहयोगी कंपनियों के नाम हैं।