हाईकोर्ट ने तेजाब हमले से पीड़ित महिलाओं के इलाज, मुआवजा और पुनर्वास पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। मुहिम संस्था की जनहित याचिका पर
सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति डा. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को इस संबंध में अपनी नीति बताने को कहा
है।
याचिका पर एक सप्ताह के बाद सुनवाई होगी। याचिका में मेरठ जिले में हुई तेजाब हमलों की घटना का जिक्र किया गया है। मेरठ में दस महिलाओं पर
तेजाब से हमला किया गया जिसमें एक महिला उज्मा की मृत्यु हो गई। कहा गया है कि सुप्रीमकोर्ट के निर्देश के बावजूद पीड़ितों को उचित मुआवजा नहीं दिया
जा रहा है।
पीड़ितों को अपने खर्च पर इलाज कराना पड़ा क्योंकि सरकार की ओर से उनके इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि सरकार का दायित्व है कि
पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास की व्यवस्था करे तथा कम से कम दस लाख रुपये मुआवजा दे।