रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में गेमिंग उद्योग के 18 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। भारत विश्व स्तर पर सबसे बड़े फैंटेसी खेल में महत्वपूर्ण योगदान करता है। पिछले पांच वर्षों में भारतीय गेमिंग उद्योग ने घरेलू और वैश्विक निवेशकों से 2.8 अरब डॉलर का निवेश हासिल किया है।
भारत का ई-गेमिंग बाजार लगातार बढ़ रहा है। 2024-25 तक इसका आकार 20 फीसदी तेजी के साथ 231 अरब रुपये तक पहुंच सकता है। वर्तमान में इसका आकार करीब 134 अरब रुपये है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह क्षेत्र लगातार तेजी में रहेगा और सालाना 33 फीसदी चक्रवृद्धि दर से बढ़ेगा। इससे यह 2026-27 तक बढ़कर 25,300 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वैश्विक गेमिंग क्षेत्र में भारत का प्रभुत्व है। 2023 में देश में कुल 9.5 अरब बार गेमिंग एप डाउनलोड किए गए हैं। वैश्विक स्तर पर कुल डाउनलोड में भारत का योगदान 20 फीसदी रहा है।
18 करोड़ से ज्यादा यूजर
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रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में गेमिंग उद्योग के 18 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। भारत विश्व स्तर पर सबसे बड़े फैंटेसी खेल में महत्वपूर्ण योगदान करता है। पिछले पांच वर्षों में भारतीय गेमिंग उद्योग ने घरेलू और वैश्विक निवेशकों से 2.8 अरब डॉलर का निवेश हासिल किया है।
50 करोड़ से अधिक होगी ग्राहक संख्या
भारतीय गेमिंग उद्योग में ग्राहकों की संख्या 2025 तक बढ़कर 50 करोड़ के पार पहुंच सकती है। 2022 से 2025 के दौरान इसमें 20 फीसदी चक्रवृद्धि दर से बढ़ोतरी की उम्मीद है।
वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई भारत की स्थिति
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रिपोर्ट में कहा गया है कि एप डाउनलोड और लेनदेन आधारित गेम राजस्व के मामले में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल गेमिंग बाजार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। हालिया आंकड़ों से भारतीय गेमिंग उद्योग में उछाल के संकेत मिल रहे हैं। लेनदेन आधारित गेम राजस्व में 2021 की तुलना में 2022 में 39 फीसदी की वृद्धि रही है।
380 फीसदी बढ़ी फंडिंग
आंकड़े बताते हैं कि उद्योग में 2019 की तुलना में फंडिंग 380 फीसदी बढ़ी है। 2020 की तुलना में यह 23 फीसदी बढ़ी है। देश का गेमिंग उद्योग तीन गेमिंग यूनिकॉर्न गेम 24X7, ड्रीम 11 व मोबाइल प्रीमियर लीग की उपस्थिति से और मजबूत हुआ है।