देश में कफ सिरप विवाद के गहराने पर राष्ट्रीय औषधि नियामक और हरियाणा राज्य औषधि नियंत्रक ने मेडन फार्मास्युटिकल्स के सोनीपत संयंत्र में विनिर्माण संबंधी सभी गतिविधियों पर बुधवार को रोक लगा दी। इसी बीच कफ सिरप के कारण गांबिया में मौत की खबर के बाद कई राज्यों के खाद्य एवं औषधि आयुक्तों की कार्रवाई में भी तेजी दिखने लगी है। वे राज्यों में मौजूद विभिन्न ब्रांडों के कफ सिरप का नमूना बाजार से एकत्रित कर उनकी जांच में जुट गए हैं। मामले की गंभीरता देख दक्षिण भारत के राज्य भी इसमें सक्रिय हो गए हैं। टीमें स्टॉक में मौजूद दवाओं के नमूने लेंगी। जांच के नतीजों के बाद कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण में अधिकारियों ने पाया कि मेडेन फार्मा ने डाई एथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल के लिए प्रोपिलीन ग्लाइकोल की गुणवत्ता जांच भी नहीं कराई थी। कंपनी दवाओं के विनिर्माण एवं जांच से संबंधित उपकरणों की कार्यपुस्तिका को प्रस्तुत करने में भी विफल रही। इधर, केंद्र सरकार ने डब्ल्यूएचओ द्वारा दी गई जानकारी के संबंध में खामियों की जांच एवं विश्लेषण करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की है। इमसें स्टैंडिंग नेशनल कमेटी ऑन मेडिसिन के वाइस चेयरपर्सन डॉ. वाईके गुप्ता, पुणे के आईसीएमआर के एनआईवी डॉ. प्रयाग डी यादव, नई दिल्ली के एनसीडीसी के महामारी विज्ञान विभाग की डॉ. आरती बहल और सीडीएससीओ के संयुक्त औषधि नियंत्रक एके प्रधान शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों ने संकेत दिया कि यही समिति सीडीएससीओ को आगे की कार्रवाई के बारे में सलाह देगी।
कफ सिरप में विषैले पदार्थों का डर फैलने के साथ ही राज्यों के एफडीए की सक्रियता बढ़ गई है। कफ सिरप में जहरीले अथवा दूषित पदार्थों की मौजूदगी की जांच के लिए उन्होंने बाजार से सभी ब्रांडों के नमूने लेने शुरू कर दिए हैं। मेडन फार्मा को चार कफ सिरप के केवल निर्यात के लिए लाइसेंस दिए गए थे। कंपनी का कहना है कि उन दवाओं को भारत में नहीं बेचा गया है।
राज्य सरकारों ने सभी अपने फील्ड अफसरों को कफ सिरप के नमूने जुटाने के लिए कहा है। एहतियात के तौर पर सभी ने मेडन फार्मा की दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। स्टॉक में मौजूद दवाओं के नमूने लिए जा जाएंगे और जांच के नतीजों के बाद कार्रवाई की जाएगी। पिछले नौ महीनों में कम से कम 5 ऐसे मौके थे, जब कंपनी की बनाई टाइप-2 मधुमेह की दवा और दुकान पर बेची जाने वाली दर्द निवारक दवाओं को जांच के दौरान घटिया पाया गया। इनमें मेटोमिन टैबलेट के नमूने शामिल थे।