केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, अनुमान है कि अगले कुछ हफ्ते में ही वो पूरा डाटा मिल जाएगा और वैक्सीन को उसके आधार पर अनुमति भी दी जा सकती है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक इसका कोई वक्त अभी तय नहीं किया गया है। रूस की स्पूतनिक वैक्सीन के अलावा जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज वैक्सीन को भी भारत में जल्द से जल्द उतारने की अनुमति मिल सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, जितनी जल्दी ट्रायल से संबंधित डाटा भारतीय ड्रग रेगुलेटर अथॉरिटी की एक्सपर्ट कमेटी को मिल जाएगा इतनी जल्दी ही इस वैक्सीन को भी बाजार में उतारने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।
स्पूतनिक और जॉनसन एंड जॉनसन के अलावा देश में चार और अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगले 4 से 6 महीने के भीतर इनका ट्रायल पूरा हो जाएंगे और उनको भी बाजार में उतारने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, केंद्र सरकार की पूरी तैयारी है कि इस साल के अंत तक हम दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 वैक्सीन के ना सिर्फ उत्पादनकर्ता बने बल्कि पूरी दुनिया को अपनी वैक्सीन से सुरक्षित भी कर सके। इसके लिए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वैक्सीन को मॉनीटर करने वाली आईडीआरसी लगातार मॉनिटरिंग भी कर रही है।
साल के अंत तक बाजार में होंगी आठ वैक्सीन
जिस तरीके से देश में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं, उसी वजह से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस बात को लेकर ज्यादा जोर दे रहा है कि ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन बाजार में हों और लोग उनको लगवाकर सुरक्षित हो सके। यही वजह है कि सभी वैधानिक तरीकों से पूर्ण किए गए ट्रायल और उनके ट्रायल के परिणामों के साथ इनकी मॉनिटरिंग हो रही है। वैक्सीन लॉन्चिंग की प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि अनुमान है साल के अंत तक हमारे पास कम से कम आठ अलग-अलग कंपनियों की वैक्सीन उपलब्ध होंगी।