कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार द्वारा 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई। इस कारण देशभर में सभी उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। वहीं, राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण बुरी तरह प्रभावित होने वाला असम का चाय उद्योग एक बार फिर पटरी पर लौट रहा है। शनिवार को डिब्रूगढ़ में चाय की पत्तियों को तोड़ने का काम फिर से शुरू किया गया।
गौरतलब हो कि शुक्रवार को डिब्रूगढ़ जिला प्रशासन ने कोविड-19 के प्रोटोकॉल के साथ चाय बागानों को खोलने की अनुमति दी थी, जिसके बाद आज फिर एक बार चाय के बागानों में मजदूर काम करने लौटे हैं। चाय उद्योग 24 मार्च से ही बंद था।
बागानों में काम करने वाले हर एक मजदूर को मास्क और सैनिटाइजर दिया गया है और मालिकों द्वारा इस बात का ख्याल रखा जा रहा है कि उनके कर्मचारी कार्य करने के दौरान बागान में सामाजिक दूरी को बरकरार रखें।
जालान टी एस्टेट के मैनेजर मृदुल शर्मा ने एएनआई से बातचीत में कहा कि हमने चाय की पत्तियां तोड़ने वाले मजदूरों को मास्क और सैनिटाइजर दिए है और इस बात का ख्याल रखा जा रहा है कि वह कार्य करने के दौरान सामाजिक दूरी को बनाए रखें।
शुक्रवार को डिब्रूगढ़ के उपायुक्त पल्लव गोपाल झा ने कोरोना प्रोटोकॉल पर बैठक की अध्यक्षता की और चाय एस्टेट्स को निर्देश दिया कि वे प्रोटोकॉल का पालन करें और स्वच्छता मानकों को बनाए रखें। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, असम में कोरोना वायरस से 29 लोग संक्रमित हुए है और अभी तक इस वायरस से एक मरीज की मौत हुई है।