तमिलनाडु शुक्रवार को देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया, जहां कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई। राज्य में शुक्रवार को कुल संक्रमितों की संख्या 1,02,721 हो गई। वहीं, राजधानी चेन्नई समेत राज्य के पांच जिलों में कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए सख्त लॉकडाउन लागू किया गया है।
हालांकि, राज्य में संक्रमितों की बढ़ी हुई संख्या इस बात की ओर भी इशारा करती है कि यहां कोरोना जांच बड़े पैमाने पर हो रही है। शुक्रवार तक, 91 जांच सुविधाओं में 12.7 लाख लोगों की जांच की गई, जो देश में सबसे अधिक है।
19 जून और 30 जून के बीच, जब राज्य ने चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर और चेंगालपेट (मदुरै में सख्त लॉकडाउन को 23 जून को लागू किया गया और इसे बढ़ाकर पांच जुलाई तक कर दिया गया है) में सख्त लॉकडाउन की घोषणा की, इस दौरान राज्य में 3,27,214 लोगों की जांच की गई थी। 20 जून के बाद, राज्य में जांच की रफ्तार बढ़ाई गई और हर दिन औसतन 30 हजार लोगों की जांच की गई।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बढ़ती हुई संख्या को देखकर लोगों को डरना नहीं चाहिए, क्योंकि यह तमिलनाडु सरकार द्वारा जांच का दायरा बढ़ाने से सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान मृतकों की संख्या को कम करने पर है।
वर्तमान समय में, राज्य में कोरोना से मृत्यु दर 1.3 फीसदी है, जो राष्ट्रीय औसत 2.9 फीसदी की तुलना में कम है। विशेषज्ञों ने कहा कि आठ जून से शुरू हुए अनलॉक-1 के बाद लोगों की आवाजाही भी बढ़ते हुए मामले के लिए जिम्मेदार है।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने बताया कि हमने जांच को बढ़ा दिया है, इसलिए राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, गले में खराश, खांसी या बदन दर्द है तो अब उसकी भी जांच की जा रही है।
राज्य सरकार ने चेन्नई और उससे सटे तीन जिलों में 19 जून से सख्त लॉकडाउन लागू कर दिया और लोगों को केवल चिकित्सा आपातकाल और जरूरी कार्यों के लिए बाहर निकलने की अनुमति दी गई। वहीं, बढ़ते मामलों को देखते हुए मदुरै जिले ने भी 23 जून से सख्त लॉकडाउन की घोषणा कर दी।