सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी की वजह से ब्रिटेन में फंसे भारतीय छात्रों को तत्काल स्वदेश लाने के लिये दायर याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार से जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिवक्ता मधुरिमा मृदुल की याचिका पर सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह इस मामले में सरकार से आवश्यक निर्देश प्राप्त करें। कोर्ट इस मामले में 13 अप्रैल को सुनवाई करेगा।
मधुरिमा मृदुल ने अपनी याचिका में कहा है कि ब्रिटेन और जर्मनी की सरकार ने लॉकडाउन की वजह से भारत में फंसे अपने नागरिकों की वापसी के बंदोबस्त के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया है और मीडिया की खबरों के अनुसार इसके लिए निकट भविष्य में मुंबई और नई दिल्ली से उड़ानों का संचालन होगा। याचिका में सरकार को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि भारत से ब्रिटेन ले जाने वाली उड़ानों का इस्तेमाल ब्रिटेन में स्वदेश लौटने के इच्छुक भारतीय छात्रों को सुरक्षित वापस लाने के लिए किया जाए।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुनील फर्नांडीज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बहस की और कहा कि इन छात्रों ने भारत लौटने के लिए टिकट बुक करा रखे थे और वे हवाई अड्डों पर पहुंच भी गए थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण यात्रा पर प्रतिबंध की वजह से अनेक भारतीय छात्र ब्रिटेन के हवाई अड्डों पर ही अटक गए हैं।