कोविड-19 को लेकर लोगों के बीच डर और आशंका के चलते ओडिशा के पुरी जिले में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। बताया गया है कि एक गांव का एक व्यक्ति दूसरे गांव में चला गया, जिसकी उस गांव के लोगों ने कोरोना संक्रमित होने की शंका पर पिटाई कर दी। इस घटना के चलते दोनों गांव के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
पुरी जिले के पुलिस अधीक्षक अखीलेश्वर सिंह ने कहा कि पुरी सदर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत निशिभनरा गांव का एक व्यक्ति कछपासी गांव चला गया, जहां लोगों ने कोविड-19 संक्रमित होने के संदेह पर उसकी पिटाई कर दी।
उन्होंने बताया कि हाल ही में, निशिभनरा गांव में एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति का पता चला था, जिससे लोगों के बीच इस व्यक्ति को लेकर संदेह पैदा हो गया और उन्होंने इसकी पिटाई कर दी। इसके बाद निशिभनरा गांव और कछपासी गांव के दो गुटों के बीच झड़प हो गई। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा देसी बम भी फेंके गए।
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बताया गया है कि इस घटना में कछपासी गांव का एक व्यक्ति घायल हो गया और उसे रेबाना गांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। बाद में, पुलिस ने दो गुटों के बीच हुई झड़प में 18 लोगों को गिरफ्तार किया।
राज्य में कोविड-19 संक्रमण के डर और शंका के चलते इस तरह की कई घटनाएं सामने आईं हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, मयूरभंज जिले में एक व्यक्ति को अपने पिता के शव को अंतिम संस्कार के लिए मोटरबाइक पर श्मशान घाट ले जाना पड़ा, क्योंकि लोगों ने कोविड संक्रमित होने के डर से उसकी शव यात्रा में भाग नहीं लिया।
56 वर्षीय व्यक्ति पहले कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, लेकिन इलाज के बाद वह ठीक हो गया। हाल ही में, उसके बेटे द्वारा किराए की एक कार में व्यक्ति को मयूरभंज से भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में ले जाया जा रहा था, उसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई।
वहीं, इस घटना से कार चालक डर गया और उसे लगा कि व्यक्ति की मौत कोरोना से हुई है, इसलिए वह घटनास्थल से कार छोड़कर भाग गया। दूसरी तरफ, मृतक के बेटे को शववाहन नहीं मिला, जिसके बाद मजबूरन उसे पिता के शव को मोटरबाइक पर रखकर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाना पड़ा।