कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई गई है। सबसे पहले लॉकडाउन का एलान 24 मार्च से 14 अप्रैल तक के लिए हुआ था। कोरोना के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी से लॉकडाउन को भी बढ़ाया गया लेकिन लॉकडाउन की दूसरी अवधि में भी मामलों थमे नहीं।
देश में पहली बार बीते शनिवार एक ही दिन 2,500 से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए जबकि बीमारी से मरने वालों की संख्या 93 रही। ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना के कुल मामले 40,000 के करीब है और मरने वालों की संख्या 1,300 से ऊपर हो गई है।
बीते शनिवार कोरोना के मामलों में तेजी कोई आश्चर्य की बात नहीं थी, इससे पहले हर दिन कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इन बढ़ते मामलों में देश के सात राज्यों का योगदान ज्यादा है, बाकी राज्यों में कोरोना मामलों में मामूली बढ़त है।
महाराष्ट्र और गुजरात में कोरोना से मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही है। महाराष्ट्र में एक दिन में 37 तो गुजरात में 26 लोगों के मरने की खबर है। दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में एक दिन में 231 मामले सामने आए, जिससे राज्य में कुल आंकड़ें 2,757 तक पहुंच गए।
महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली के बाद तमिलनाडु देश का पांचवां राज्य बन गया है जहां कोरोना के मामले ज्यादा हैं। शनिवार को दिल्ली में 384 नए मामलों के साथ कुल मामले चार हजार के पार चले गए जबकि गुजरात का आंकड़ा पांच हजार के पार चला गया है।
महाराष्ट्र के नांदेड़ से तीर्थयात्रियों के वापस लौटने पर पंजाब में अचानक से मामलों में तेजी आई। राज्य में 187 नए मामले सामने आए जिसमें 142 वो लोग हैं जो नांदेड़ से वापस आए हैं। महाराष्ट्र के लोक निर्माण विभाग मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि वायरस फैलाने के लिए तीर्थयात्रियों का पंजाब ले जाने वाले चालक जिम्मेदार हो सकते हैं।
महाराष्ट्र से तीर्थयात्री 78 बसों में गए थे और हर बस में दो चालक थे। शनिवार को नांदेड़ के गुरुद्वारा लंगर साहिब के 20 सेवादार भी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इधर पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्य में रैपि़ड टेस्टिंग पर जोर देने की बात कही है। रोजाना छह हजार टेस्ट करने के आदेश दिए गए हैं, फिलहाल पंजाब में 1,500-2,000 टेस्ट रोजाना होते हैं।