केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया
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कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान पूरे देश में तेज रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है। वहीं, इस रफ्तार को और तेज करने की तैयारियां भी की जा रही हैं। इसी के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को नई दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के दायरे को और विस्तृत करने की योजना पर चर्चा की गई।
टीकाकरण: 'हर घर दस्तक' अभियान की शुरुआत
वहीं, कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान को लेकर मंडाविया ने कहा कि भारत में 77 फीसदी पात्र आबादी को टीके की पहली खुराक लगाई जा चुकी है। 32 फीसदी लोगों को दोनों खुराकें लग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 10 करोड़ से अधिक लोगों ने दूसरी खुराक नहीं ली है। जो लोग दूसरी खुराक के पात्र हैं उन्हें इसे लगवाना चाहिए। मंडाविया ने कहा कि हम एक मेगा टीकाकरण अभियान 'हर घर दस्तक' की शुरुआत करने जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस अभियान तक अगरे एक महीने के लिए स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाएंगे और दूसरी खुराक के लिए पात्र लोगों का टीकाकरण करेंगे। इस अभियान के तहत उन लोगों का टीकाकरण भी किया जाएगा जिन्होंने अभी तक एक भी खुराक नहीं ली है। मंडाविया ने कहा कि 48 ऐसे जिलों की पहचान की गई है जहां 50 फीसदी से कम पात्र आबादी का टीकाकरण हुआ है। इस तरह के जिलों में अभियान के दौरान विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कोवाक्सिन के लिए यूएस एफडीए के सामने आवेदन
कोविड-19 वैक्सीन कोवाक्सिक के लिए भारत बायोटेक की अमेरिकी भागीदार ऑक्यूजेन ने बुधवार को इस टीके के क्लिनिकल ट्रायल आयोजित करने के लिए यूएस एफडीए (अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन) के पास इन्वेस्टीगेशनल न्यू ड्रग एप्लीकेशन जमा किया है। एक दिन पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोवाक्सिन को आपात उपयोग की सूची में रखने पर विचार करने के लिए भारत बायोटेक से कुछ और जानकारियां मांगी थीं।
वैक्सीन खरीद के लिए भारत के लिए लोन की प्रक्रिया
चीन के एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के साथ कोविड-19 टीके खरीदने के लिए भारत के लिए दो बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण की प्रक्रिया कर रहा है। इस दो बिलियन डॉलर के कर्ज में मनीला की एडीबी 1.5 बिलियन डॉलर उपलब्ध कराएगी और एआईआईबी 500 डॉलर रकम की व्यवस्था करेगा। यह जानकारी एआईआईबी के उपाध्यक्ष डीजे पांडियन ने मंगलवार को साझा की थी।
11 करोड़ लोगों को दूसरी डोज मिलने में हो रही देरी
केंद्र सरकार के डाटा के अनुसार ऐसे 11 करोड़ से ज्यादा लोग जो कोविड-19 टीके की पहली खुराक ले चुके हैं, उन्हें दो खुराकों के बीच सुझाया गया समयांतराल बीत जाने के बाद भी अभी तक दूसरी खुराक नहीं मिल पाई है। आंकड़े बताते हैं कि 3.92 करोड़ से ज्यादा लोगों को छह सप्ताह पहले ही दूसरी खुराक लग जानी चाहिए थी। लगभग 1.57 करोड़ लोग चार से छह सप्ताह की देरी से हैं और डेढ़ करोड़ से अधिक लोग 2-4 सप्ताह देरी से हैं।