कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने मंगलवार को कहा कि विशेषज्ञों ने अनुमान व्यक्त किया है कि कोरोना वायरस की चौथी लहर जून के बाद चरम पर पहुंच सकती है और इसका असर अक्तूबर तक रहने की आशंका है। उन्होंने कोरोना के साथ जीना सीखने पर जोर देते हुए कहा कि टीकाकरण और मास्क जैसे एहतियाती उपायों का लगातार पालन जरूरी है। इस सवाल पर कि क्या कर्नाटक में चौथी लहर है, सुधाकर ने कहा कि यहां अन्य प्रदेशों के मुकाबले मामले बहुत कम हैं, ऐसे में फिलहाल यहां ऐसा कहना ठीक नहीं है।
प्रख्यात वायरोलॉजिस्ट और क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर के पूर्व प्रोफेसर डॉ. टी जेकब जॉन ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस की चौथी लहर आने की संभावना बहुत कम है। इस सवाल पर कि कुछ राज्यों में कोरोना के मामले क्यों बढ़ रहे हैं, जॉन ने कहा कि दिल्ली और हरियाणा में पिछले तो से तीन सप्ताह में कोविड के मामलों में मामूली तेजी आई थी। उन्होंने कहा कि जहां तक मुझे मालूम है देश के किसी भी राज्य में कोरोना के मामले तेजी से नहीं बढ़ रहे हैं। मार्च और अप्रैल में यहां संक्रमण की दर नियंत्रित रही है।