लॉकडाउन के चौथे चरण में गुजरात के सूरत में हीरा उद्योग खुल गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन के चौथे चरण के दौरान आवश्यक सावधानी बरतते हुए उद्योगों को खोलने की छूट देने के बाद शहर में हीरा उद्योग को मंगलवार को खोला गया।
हालांकि, उद्योग में कर्मचारियों की कम संख्या के साथ काम किया जा रहा है। हीरा उद्योग से जुड़े नीलेश बोडके ने कहा कि यह क्षेत्र काफी लचीला है और 2-3 महीनों में लॉकडाउन के प्रभाव से पार पा लेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की घोषणा के बाद आज हीरा बाजार खुल गया है, लेकिन उद्योग को सामान्य रूप से काम करने में कम से कम 2-3 महीने लगेंगे। इन उद्योगों में काम करने वाले अधिकांश मजदूर अपने गांवों में वापस लौट गए हैं और हो सकता है कि भविष्य में वो वापस ही न आएं।
बोडके ने आगे कहा कि दूसरी ओर, मानसून का मौसम शुरू होने वाला है और कुछ मजदूर गावों में अपनी जमीन की जुताई करने के बाद शायद लौटेंगे। मुंबई के बाजार का संचालन अभी तक शुरू नहीं हुआ है, जिससे सूरत में उद्योग के लिए काम करना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने कहा, हीरे के निर्यात या आयात के लिए कोई विकल्प नहीं है और इसलिए उद्योग दिए गए परिदृश्य में सामान्य रूप से काम नहीं कर सकता। हालांकि, बोडके ने उम्मीद जताई कि स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो जाएगा।
बोडके ने कहा कि भविष्य में स्थिति में सुधार होगा। हीरा उद्योग में काम करने वाले बहुत मेहनती होते हैं और आवश्यकता पड़ने पर 12 घंटे से अधिक समय तक काम करने से नहीं कतराते हैं। ”