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#LadengeCoronaSe: जुमे की नमाज में जीती 'सोशल डिस्टेंसिंग', मस्जिदों में नहीं जुटी भीड़

Fri, 27 Mar 2020 05:26 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली की मस्जिदों में नहीं दिखी जुमे की नमाज की भीड़, लोगों ने बनाई सामाजिक दूरी   
  • मुस्लिम संगठनों की अपील का हो रहा असर, बना रहे दूरी
  • जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी घर में पढ़ी नमाज
  • कुछ ग्रामीण क्षेत्रों से जानकारी मिली कि लोगों ने अपील पर ध्यान नहीं दिया
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Delhi-Women offered 'namaz' while practicing social distance - फोटो : Social Media
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विस्तार
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सोशल मीडिया में कुछ इस तरह की खबरें चलती रही हैं कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच भी सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियमों का पालन नहीं किया। इससे समुदाय के लोगों और अन्य लोगों में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया है।

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जिसके बाद आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सहित कई संगठन सक्रिय हो गए। उन्होंने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की कि लोग नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों में न आएं और घर पर ही नमाज पढ़ें।

अपील का असर हुआ और शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ने के लिए दिल्ली सहित किसी भी प्रमुख क्षेत्र में किसी भी मस्जिद में लोगों की भीड़ इकट्ठी नहीं हुई। जामा मस्जिद और ईदगाह वाली मस्जिद सहित प्रमुख मस्जिदों में केवल संस्था के प्रतिनिधियों ने नमाज पढ़ी और सामान्य लोगों ने इससे दूरी बनाए रखी। सामाजिक नेता इसे बड़ी सफलता मान रहे हैं।
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आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मुफ़्ती एजाज अरशद काशमी ने अमर उजाला से कहा कि लोगों के जान की हिफाजत करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसे देखते हुए एक दिन पहले ही अपील की गई थी कि लोग मस्जिदों में न आएं।

शुक्रवार को समाज के लोगों ने इसका पालन किया। यह बेहतरीन पहल है। उन्होंने कहा कि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों से उन्हें भी जानकारी मिली जहां लोगों ने अपील पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन वे बार-बार यही अपील करेंगे कि लोग सामाजिक दूरी बनाए रखें।
 
इसी प्रकार नदवा मस्जिद, डाली गंज के प्रमुख अतीक बस्तावी ने कहा कि सामान्य दिनों में उनके यहां मस्जिद में कई हजार लोग नमाज अता करने के लिए एकत्र होते हैं। लेकिन संगठन नें लोगों से इस बात की अपील की कि लोग अपने घरों में ही नमाज अदा करें।

इसका परिणाम हुआ कि नदवा मस्जिद के जुमे की नमाज में केवल पांच लोग ही एकत्र हुए। उन्होंने कहा कि इस्लाम में लोगों की जान बचाना एक फर्ज माना जाता है। कोरोना के संक्रमण का खतरा लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है। इससे बचने के लिए वे बार-बार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने घरों में ही रहें और सामाजिक दूरी बनाए रखें।

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जमीयत प्रमुख मदनी नें घर में पढ़ी नमाज

मुस्लिम समुदाय के प्रमुख संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने भी शुक्रवार को अपने घर में नमाज पढ़ी। संगठन ने इसके पहले ही सलाह जारी कर समुदाय से यह अपील कर चुका है कि लोग अपने घरों में ही रहें, सामाजिक दूरी बनाये रखें और कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने में मदद करें।

अपील का असर हुआ और लोगों ने अपने घरों में ही नमाज पढ़ी। नमाज के बाद उन्होंने कहा कि वे नियमों को बनाते हैं और अगर वे स्वयं ही नियमों का पालन नहीं करेंगे तो इसका उचित संदेश नहीं जायेगा। इसको ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने घर में ही नमाज पढ़ी।
 
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मीडिया सचिव मौलाना फजलुर्रहमान ने अमर उजाला से कहा कि उन्हें पूरे देश से रिपोर्ट आई हैं कि समाज के लोगों ने संगठन की अपील को दिल से स्वीकार किया और अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ी।
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