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कोरोना की मार: सीआरपीएफ को बंद करना पड़ा अपना अस्पताल, क्वारंटीन में मेडिकल स्टाफ 

Sun, 26 Apr 2020 02:07 PM IST
आसिम खान जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
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सीआरपीएफ जवान (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' को अपना आरके पुरम स्थित अस्पताल बंद करना पड़ा है। यहां के डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ ने जिस कर्मी की कोरोना जांच की थी, उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। नतीजा, अस्पताल के समस्त मेडिकल स्टाफ को क्वारंटीन में भेज दिया गया। 

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अब अस्पताल में कोई नहीं बचा है, इसलिए आगामी आदेशों तक उसे बंद करने के आदेश जारी हुए हैं। आरके पुरम में स्थित डीजी स्टाफ कैंप अस्पताल आने वाले सभी कर्मियों से कहा गया है कि वे इसके खुलने तक डिटैचमेंट कंपोजिट अस्पताल एनएस कैंप, आरके पुरम में जाएं। वहां पर उनका इलाज किया जाएगा।

मयूर विहार स्थित बल की 31वीं बटालियन में दो दिन पहले कोरोना संक्रमण का एक संदिग्ध मामला सामने आया था। डीजी स्टाफ कैंप अस्पताल के मेडिकल अफसर और पैरा मेडिकल स्टाफ ने उसकी जांच की थी। मेडिकल जांच रिपोर्ट के आधार पर उस सिपाही को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पर हुए टेस्ट में पता चला कि वह सिपाही कोरोना पॉजिटिव है। इस वजह से डीजी स्टाफ कैंप अस्पताल के मेडिकल अफसर और पैरा मेडिकल स्टाफ को क्वारंटीन में भेज दिया गया है। 
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वहां पता लगाया गया कि और कौन से ऐसे कर्मी हैं, जो सिपाही के संपर्क में आए हैं। उन सभी को नरेला स्थित क्वारंटीन सेंटर में भेजने के आदेश जारी कर दिए गए। मौजूदा हालात में 31 वीं बटालियन के 47 कर्मी नरेला स्थित क्वारंटीन सेंटर में हैं। इनमें से 11 कर्मियों के सेंपल लेकर कोरोना की जांच की गई थी, जिसमें 9 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें एक सब-इंस्पेक्टर और एक हवलदार भी शामिल है। अन्य कर्मियों के सैम्पल लिए जा रहे हैं।

सीआरपीएफ के डीजी भी हो चुके हैं क्वारंटीन
पिछले माह इस अस्पताल में सीआरपीएफ के एक सीएमओ को कोरोना होने की पुष्टि हुई थी। यह सूचना मिलते ही 23 से 30 मार्च के बीच आरके पुरम स्थित सीआरपीएफ अस्पताल में पहुंचे जवानों और अधिकारियों की सूची तैयार कर ली गई। तब तक यह भी पता लगा लिया गया, कोरोना के ऐसे कितने संदिग्ध हैं, जिनसे वायरस आगे जा सकता है। एक सीएमओ, एक एसएमओ और इनके दो ड्राइवर सामने आए।

ये कितने लोगों से मिले या संपर्क में रहे, जब 24 घंटे में यह सूची तैयार हुई तो हड़कंप मच गया। इसमें सीआरपीएफ के डीजी, दो पूर्व डीजी, संयुक्त सचिव के परिवार का सदस्य, आईजी, डीआईजी, कमांडेंट और निचले स्तर के कई 200 अफसरों व जवानों का नाम शामिल था। 

सुरक्षा के लिहाज से इन सभी को क्वारंटीन में भेजा गया था। क्वारंटीन होने वालो में सीआरपीएफ के डीजी डॉ. एपी महेश्वरी, पूर्व डीजी के.विजय कुमार, विक्रम श्रीवास्तव, आईजी (ऑपरेशन), सुकमा के डीआईजी और डीजी के एसओ आदि अधिकारी शामिल थे। हालांकि डीजी महेश्वरी एवं दूसरे कई अफसरों की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।

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