फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus in Britain: भारत के लिए खतरे की घंटी! पिछले साल से अब 30 प्रतिशत बढ़ गई यात्रियों की संख्या

Wed, 20 Oct 2021 11:46 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ब्रिटेन में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट का म्यूटेटेड वर्जन वैक्सीन से उत्पन्न हुई इस्यूनिटी को चकमा दे रहा है। यहां एस्ट्राजेनेका वैक्सीन लगाई जा रही है। यही वैक्सीन कोविशील्ड के नाम से भारत में भी सबसे ज्यादा उपयोग हो रही है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTi
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में संभलते कोरोना संक्रमण के बीच एक डराने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, ब्रिटेन में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट का म्यूटेटेड वर्जन कोहराम मचा रहा है। 11 अक्तूबर के बाद से वहां प्रतिदिन 40 हजार के ऊपर कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं। सोमवार को तो यहां 48 हजार से ऊपर मामले दर्ज किए गए। ऐसे में एक बार फिर बेकाबू होता कोरोना संक्रमण भारत के लिए खतरे की घंटी हो सकता है। 
विज्ञापन


आधी आबादी वैक्सीनेटेड फिर भी बढ़ रहा कोरोना 
ब्रिटेन में आधी से ज्यादा आबादी कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज ले चुकी है। यहां बूस्टर डोज भी लगना शुरू हो गया है। इसके बावजूद यहां कोरोना का म्यूटेटेड वर्जन तेजी से संक्रमण फैला रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वर्जन डेल्टा वैरिएंट से भी 10 गुना ज्यादा संक्रामक हो सकता है। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कहना जल्दबाजी होगा कि यह वैरिएंट डेल्टा से ज्यादा खतरनाक है और सामान्य टेस्ट से इसकी पहचान नहीं हो सकती। 




भारत में भी प्रयोग हो रही ब्रिटेन वाली वैक्सीन 
ब्रिटेन में आधी से ज्यादा आबादी पूरी तरह से या फिर आंशिक तौर पर वैक्सीनेटेड हो चुकी है। यहां एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का प्रयोग किया जा रहा है। कोरोना वायरस का नया वैरिएंट वैक्सीन से बनने वाली इम्यूनिटी को भी चकमा दे रहा है। भारत में भी एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का ही सबसे ज्यादा प्रयोग किया जा रहा है। इस वैक्सीन का उत्पादन यहां पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोविशील्ड के नाम से किया जा रहा है। ऐसे में यह भारत के लिए डराने वाली खबर साबित हो सकती है। 
विज्ञापन


यात्रियों की बढ़ी संख्या, ब्रिटेन से ही आया था डेल्टा वैरिएंट
ब्रिटेन ने अपनी हवाई सीमाएं पूरी तरह से खोल दी हैं। पिछले दिनों भारत-ब्रिटेन के बीच कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन को लेकर छिड़ा विवाद भी अब लगभग शांत हो चुका है। ऐसे में ब्रिटेन से भारत और भारत से ब्रिटेन की यात्रा करने वालों की संख्या में भी तेजी से इजाफा होना लाजमी है। दरअसल, पिछले दिनों ब्रिटेन की ओर से बयान जारी किया गया था कि भारत से बड़ी संख्या में नागरिक शिक्षा या फिर व्यापार के उद्देश्य से यात्रा करते हैं। जून 2021 तक 62,500 नए विद्यार्थियों को वीजा दिया गया है। यह संख्या पिछले साल से 30 प्रतिशत ज्यादा है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें