भारत में कई अन्य देशों की तुलना में कोविड-19 के मामलों की प्रगति दर धीमी है। यहां तक कि विकसित देशों की तुलना में हमारे यहां अभी तक संक्रमण के कम मामले सामने आए हैं। जिससे पता चलता है कि राष्ट्रव्यापी देशबंदी और अन्य कदम अपना सकारात्मक असर दिखा रहे हैं। हालांकि सामाजिक दूरी में फिलहाल किसी भी तरह की ढिलाई नहीं दी जाएगी। यह बात सरकार ने सोमवार को कही।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, 'हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि हमारे देश में मामलों को 100 से 1,000 तक बढ़ने में 12 दिन लग गए। जबकि बहुत से विकसित देशों जहां कि जनसंख्या हमसे कम है वहां वृद्धि दर ज्यादा है। विकसित देशों में कम समय के अंदर मामले बढ़कर 3,500, 5000, 6,000 और यहां तक कि 8,000 तक बढ़ गए।'
अग्रवाल ने हालांकि कहा कि संतोष के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और हमें पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए। लॉकडाउन से संबंधित सरकार के सभी दिशानिर्देशों, प्रोटोकॉल, सामाजिक दूरी और क्वारांटाइन का पालन करें। अग्रवाल ने कहा, 'यह रोजाना की लड़ाई है क्योंकि हम एक संक्रामक बीमारी से लड़ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर हम देख चुके हैं। यदि एक व्यक्ति भी अनुपालन करने में विफल रहता है तो हम स्टेज जीरो पर वापस पहुंच जाएंगे। नियमों का पालन न करने वाला एक व्यक्ति कई सौ लोगों को संक्रमित कर सकता है और वे हजारों को संक्रमित कर सकते हैं। इसलिए 100 प्रतिशत सतर्कता की आवश्यकता है।'