कोरोनावायरस महामारी की चपेट में लगभग पूरी दुनिया आ चुकी है। अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देश तो कोरोना की चौथी लहर तक पहुंच चुके हैं। हालांकि, इन सबके बीच कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां अब तक कोरोना के केस दर्ज नहीं हुए हैं। ऐसा ही एक देश अब तक प्रशांत महासागर का देश टोंगा भी था, जहां पिछले डेढ़ सालों में कोरोना का एक केस भी दर्ज नहीं हुआ था। लेकिन शुक्रवार को कुछ यात्रियों के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद टोंगा भी कोविड मुक्त देश की लिस्ट से बाहर हो गया।
टोंगा की सरकार के मुताबिक, न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च से आया एक यात्री कोरोना टेस्टिंग के दौरान संक्रमित पाया गया। इस यात्री को कोरोना की दोनों वैक्सीन लगी थीं और न्यूजीलैंड से फ्लाइट में बैठने के दौरान उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। लेकिन टोंगा में टेस्टिंग के दौरान यात्री कोरोना पॉजिटिव पाया गया। उसे फिलहाल एक होटल में क्वारैंटाइन में रखा गया है। चूंकि यह देश का पहला कोरोना केस है, इसलिए आगे संक्रमण का खतरा रोकने के लिए सरकार लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है।
देश में कोरोना केस नहीं था, फिर भी 86% ले चुके पहली डोज
टोंगा में शुक्रवार से पहले कोरोना का एक भी केस नहीं मिला था। इसके बावजूद देश के 86 फीसदी नगारिकों ने कोरोना की पहली डोज ले ली है। उधर 62 फीसदी लोगों को दूसरी डोज भी मिल चुकी है। टोंगा के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि देशवासी काफी जिम्मेदार रहे हैं और कोरोना के केस निकलने के बाद टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ और बढ़ने की संभावना है।
पॉलिनेशियाई देश टोंगा 170 दक्षिणी प्रशांत द्वीपों से जुड़कर बना है। यहां करीब एक लाख लोग रहते हैं। यह देश फिजी से 800 किमी और न्यूजीलैंड से 2380 किमी दूर स्थित है। हालांकि, टोंगा इकलौता देश नहीं है, जहां अब तक कोरोना के केस दर्ज नहीं हुए थे। इसके अलावा कई और देश भी हैं, जहां अब तक कोरोना के मामले सामने नहीं आए हैं।
कौन-कौन से वो देश, जहां अब तक नहीं मिले कोरोना केस?
संयुक्त राष्ट्र अब तक दुनिया के 193 देशों को मान्यता देता है। इनमें से 10 देशों में कोरोना के केस आज तक सामने नहीं आए। पहला नाम है उत्तर कोरिया का, जहां कोई कोरोना का केस दर्ज नहीं हुआ। हालांकि, तानाशाह किम जोंग-उन के शासन में यह आंकड़ा कितना ठीक है, इस पर वैज्ञानिक शक जताते हैं। इसके अलावा एशिया के एक और देश तुर्कमेनिस्तान ने भी कोरोना के एक भी केस न होने की बात कही गई है। इस पर भी संदेह जताया गया है। बाकी देशों तुवालु और नऊरू हैं, जो कि छोटी आबादी वाले द्वीप देश हैं। यहां से आने-जाने वालों पर प्रतिबंध लगाकर ही कोरोना के केस आसानी से रोके जा सकते हैं।
उधर कुछ और छोटे द्वीप जो किसी अन्य देश का हिस्सा रह चुके हैं या उन पर निर्भर होने के बावजूद अलग द्वीप देश का दर्जा लिए हैं। इनमें निउए, किरीबाती, फेडरेडेट स्टेट्स ऑफ माइक्रेनेशिया, कुक आईलैंड, तोकेलाउ, सेंट हेलेना शामिल हैं। हालांकि, इन सभी की आबादी 10 हजार से लेकर एक लाख तक ही सीमित है।