कोरोना वायरस से प्रभावित ईरान और इटली में फंसे हुए 450 से अधिक भारतीयों को रविवार को दो विमानों से वापस लाया गया और उन्हें अलग वार्ड में रखा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाईअड्डे पर सुबह करीब पौने दस बजे मिलान से कुल 218 भारतीय पहुंचे जिनमें अधिकतर छात्र थे। उन्हें दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला में आईटीबीपी के अलग वार्ड में ले जाया गया।
ईरान से 230 से अधिक भारतीय सुबह करीब सवा तीन बजे नई दिल्ली पहुंचे और उन्हें जैसलमेर के भारतीय सेना स्वास्थ्य केंद्र में अलग वार्ड में रखा गया। ईरान से निकाले गए भारतीयों का यह तीसरा जत्था है।
आईजीआई हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि वे सभी तेहरान से महान एयर के विमान से दिल्ली पहुंचे थे और उन्हें एयर इंडिया के दो विमानों से जैसलमेर ले जाया गया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ईरान से कुल 234 भारतीयों को निकाला गया है। रक्षा विभाग के प्रवक्ता कर्नल संबित घोष ने कहा कि एयर इंडिया के दो विमानों से आज सुबह 236 लोग जैसलमेर पहुंचे।
बता दें कि कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित देशों में ईरान भी शामिल है और सरकार वहां फंसे भारतीयों को वापस लाने की योजनाओं पर काम कर रही है। ईरान में 700 से अधिक लोगों की इससे मौत हो चुकी है और करीब 14 हजार मामलों का पता चला है।
मुरलीधरन ने ट्वीट किया (इटली के) मिलान से 211 छात्रों समेत 218 भारतीय दिल्ली पहुंचे। सभी को 14 दिनों तक अलग रखा जाएगा। भारतीय जहां कहीं भी मुसीबत में हैं, भारत सरकार उन तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
उन्होंने कहा, इटली सरकार, इटली में भारतीय दल, एयर इंडिया और विदेश मंत्री एस जयशंकर के सहयोग के लिए उनका शुक्रिया। हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि इटली से आया विमान सुबह करीब नौ बजकर 45 मिनट पर यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर उतरा।