जेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि पोक्सो एक्ट, आईपीसी की धारा 376 , 389 बी, तेजाब हमले , यूएनपीए, विस्फोटक एक्ट और विदेशी नागरिकता के तहत सजा का सामना कर रहे कैदियों को रिहा नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के अधीन आने वाले केसों संबंधी कैदियों को भी रिहा नहीं किया जाएगा। हालांकि एचआईवी , शुगर की बीमारियों से पीड़ित कैदियों, गर्भवती औरतों और 65 साल की उम्र से अधिक वाले कैदियों को शर्तों में छूट दी जाएगी।
महाराष्ट्र में 11,000 कैदियों को किया जाएगा पैरोल पर रिहा
महाराष्ट्र में सात साल से कम अवधि की सजा पाए कुछ 11,000 कैदियों को पैरोल पर रिहा किया जाएगा। गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बृहस्पतिवार को अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट के जरिए कैदियों के पैरोल पर रिहा किए जाने की घोषणा की। देशमुख ने कहा कि मैं पहले ही राज्य भर की जेलों के लिए आवश्यक आदेश जारी कर चुका हूं। गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में कुछ 60 जेल हैं, जहां इस फैसले को लागू किया जाएगा।