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Coronavirus: सियासत में भी है कोरोना का रोना, किसी की बची कुर्सी, तो किसी की टली

Sat, 28 Mar 2020 06:45 PM IST
Harendra Chaudhary विनोद अग्निहोत्री, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कांग्रेस में पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति टल सकती है
  • नड्डा की नई संगठन टीम का गठन भी टाला गया
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया को थी मंत्री बनाए जाने की चर्चा, लेकिन यह भी टला
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Narendra Singh Tomar, Jyotiraditya Scindia, Shivraj Singh Chouhan Union Minister and VD Sharma - फोटो : Social Media (File)
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण राजनीतिक गलियारों में किसी के लिए वरदान तो किसी के लिए शाप साबित हो रहा है। कोरोना की वजह से सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार में होने वाले कई बदलाव फिलहाल टाल दिए गए हैं।
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जिसकी वजह से जिनकी गद्दी जाने वाली थी, उन्हें फिलहाल जीवनदान मिल गया है और जिन्हें मिलने वाली थी, वह अभी प्रतीक्षासूची में ही रहेंगे। कोरोना की वजह से मई के आखिर में मोदी 2.0 सरकार के एक साल पूरे होने का जश्न मनेगा या नहीं इस पर भी सवाल हैं।

इसी तरह कांग्रेस में भी अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की जगह पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति भी कोरोना की वजह से टलने की पूरी संभावना है। कोरोना की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और भाजपा अध्यक्ष जे.पी.नड्डा की नई संगठन टीम के गठन को फिलहाल अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है।
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कोरोना संकट का सबसे बड़ा फायदा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हुआ कि उनकी ताजपोशी बिना किसी बाधा के फौरन करवा दी गई।

बताया जाता है कि पिछले काफी दिनों से केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल को लेकर सरकार भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष स्तर पर विचार विमर्श जारी था और यह राय बनी थी कि नवरात्रि के बाद अप्रैल के प्रथम सप्ताह में मंत्रिमंडल में फेरबदल और भाजपा संगठन में नए अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई टीम के गठन का काम पूरा कर लिया जाएगा।

कुछ मंत्रियों की सरकार से छुट्टी करके उन्हें संगठन में जिम्मेदारी दी जानी है, तो संगठन से कुछ नेता सरकार में मंत्री बनाए जाने हैं। कुछ सांसदों की भी सरकार और संगठन में जिम्मेदारी मिलनी है।

कई केंद्रीय मंत्रियों जिनमें कुछ बड़े चेहरे भी शामिल हैं, उनके विभागों में फेरबदल होना है। लेकिन अब यह सब टल गया है। कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा का नामांकन तो भाजपा ने करा दिया, लेकिन राज्यसभा के चुनाव टलने से फिलहाल उनका भी केंद्रीय मंत्री बनना टल गया है।

नाम न छापने की शर्त के साथ एक वरिष्ठ भाजपा नेता का कहना है कि अब यह कब होगा कुछ भी निश्चित नहीं है। कम से कम मई के अंत में जब सरकार का एक साल पूरा होगा तब उसके आस पास शायद मंत्रिमंडल का फेरबदल हो सकता है। उसके आस पास ही संगठन के नए पदाधिकारियों की घोषणा भी संभव है।

सबसे दिलचस्प मामला है मध्य प्रदेश का, जहां मुख्यमंत्री पद की शपथ तो शिवराज सिंह चौहान ले चुके हैं, लेकिन अभी उनके मंत्रिमंडल का गठन नहीं हुआ है। लॉकडाउन की वजह से अब यह मामला 15 अप्रैल तक तो टल ही गया है और अगर लॉकडाउन ज्यादा बढ़ा तो फिर आगे भी लटक सकता है।

भाजपा के एक केंद्रीय पदाधिकारी के मुताबिक अगर सामान्य परिस्थितियों में मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होता, तो शिवराज सिंह चौहान की ताजपोशी शायद नहीं होती। लेकिन क्योंकि कोरोना की वजह से सब कुछ अव्यवस्थित है और विधानसभा में विधायकों का गणित भी नाजुक है, इसलिए बिना किसी हील हुज्जत के केंद्रीय नेतृत्व ने शिवराज सिंह चौहान की ताजपोशी कराना ही सबसे ज्यादा मुफीद समझा।

इसी तरह गुजरात में भी मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को बदलने की बात पिछले दो तीन महीनों से चल रही है। फार्मूला यह बन रहा था कि रूपाणी को केंद्रीय मंत्री बनाकर लाया जाए और उनकी जगह उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल या केंद्रीय मंत्री मनसुख भाई मांडविया को सूबे की कमान सौंपने पर विचार चल रहा था।

लेकिन अब इसकी दूर दूर तक फिलहाल संभावना नहीं है। उधर कांग्रेस में राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद सोनिया गांधी को पार्टी की उच्च अधिकार प्राप्त कार्यसमिति ने अंतरिम अध्यक्ष चुना था। अप्रैल में पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति होनी थी। इसके लिए राजस्थान के जयपुर या उदयपुर में कांग्रेस अधिवेशन बुलाने की योजना बन रही थी।

लेकिन अब वह भी टल गई है और फिलहाल सोनिया गांधी ही पार्टी प्रमुख बनी रहेंगी। अक्टूबर में बिहार विधानसभा के चुनाव होने हैं, इसके मद्देनजर भी राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन अब कोरोना के आगे सभी सियासी गतिविधियां ठप हो जाने से बिहार चुनाव की सरगर्मी भी शांत है।
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