कोविड-19 संक्रमण से जंग में भारत दुनिया के देशों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला और दुनिया भर में फैले भारतीय मिशन, दूतावास लगातार सक्रिय हैं।
विदेश मंत्रालय में स्थापित कोविड-19 सेल ने अब तक दुनिया के देशों से 3300 टेलीफोन कॉल, 2200 के करीब ई-मेल प्राप्त किए हैं। भारत इन पर अमल करते हुए चीन, ईरान, इटली समेत अन्य देशों से करीब 2500 भारतीयों को एयरलिफ्ट करके देश ले आया है।
आईसीएमआर की टीम ने ईरान समेत कई देशों में जाकर लोगों का परीक्षण किया। भारत में आने पर भी लोगों का परीक्षण किया गया और जिनमें निगेटिव लक्षण पाए गए, उन्हें घर भेज दिया गया।
सरकार के स्तर पर इस समय केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय समेत कई अन्य के बीच में उच्च स्तर पर तालमेल चल रहा है। सूत्र बताते हैं तब्लीगी जमात के मरकज का मामला सामने आने के बाद न केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय बल्कि विदेश मंत्रालय के भी कान खड़े हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय निजामुद्दीन मरकज और मरकज के बाद पलायन कर गए तब्लीगी समाज के लोगों को लेकर काफी सख्त है। मंत्रालय के सूत्रों का मानना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए यहां नियमों की अवहेलना हुई है।
बताते हैं इसे केंद्र में रखकर भारतीय कानून व्यवस्था के अनुसार सरकार तब्लीगी समाज के मरकज में शामिल होने आए विदेश नागरिकों के खिलाफ भी कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविद-19 से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परस्पर सहयोग को बढ़ावा दिया है। इसके लिए वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए उन्होंने रूस, सऊदी अरब समेत 10 देशों के राष्ट्राध्यक्षों से चर्चा की। सार्क देशों के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेसिंग की और भारत ने अपने वादे को निभाया।
इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार अपने अमेरिकी समकक्ष से बात की। बातचीत के दौरान कोविड-19 से लड़ने की तैयारियों समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। अफगानिस्तान के हालात को लेकर बात हुई।
कोविड-19 से जंग में अमेरिका समेत कुछ देशों ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सूत्र बताते हैं, कोरोना से मुकाबले के लिए भारत पीएम केयर फंड में अंतरराष्ट्रीय सहायता लेगा। दुनिया भर में फैले मिशन, दूतावास में अधिकारी भारतीय मानकों को ध्यान में रखकर लोगों की सहायता कर रहे हैं।
कई देशों में अब भी मौजूद भारतीयों की मदद की जा रही है। जिन छात्रों या भारतीयों की वीजा अवधि समाप्त हो रही है, भारतीय मिशन उसे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कुछ देश अपने स्तर पर भारत को चिकित्सीय उपकरण समेत अन्य सहायता दे रहे हैं।