आइए ऐसा कारोबारी मॉडल बनाएं जिसमें सबसे कमजोर वर्गों यानी गरीबों की देखभाल सर्वोपरि हो। हमने जलवायु परिवर्तन से लड़ने में काफी प्रगति की है, मां प्रकृति ने बताया है कि अगर मानव गतिविधियां धीमी हो जाएं तो वह कितनी तेजी से समृद्ध हो सकती है। ऐसी तकनीकों का अच्छा भविष्य है जो पृथ्वी पर बोझ घटा सके, कम संसाधनों में ज्यादा काम कर सकें। कोविड-19 ने हमें सिखाया है कि स्वास्थ्य सुविधाएं सस्ते और बड़े स्तर पर देने की जरूरत है। संपूर्ण मानवता को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के वैश्विक प्रयासों के लिए हम मार्गदर्शक बन सकते हैं। हमें ऐसे इनोवेशन में निवेश करने की जरूरत है, जिनसे हमारे किसानों को सूचनाएं, मशीनरी और बाजार हर हालात में मिल सकें, ताकि हमारे नागरिकों तक आश्वयक सामग्री पहुंच सकें।
स्वर-4 अपॉर्च्युनिटी: अवसर- संकट अवसर लाता है
हर संकट अवसर लेकर आता है। कोविड-19 भी अलग नहीं है। आइए नए अवसरों और वृद्धि करने जा रहे उभरते क्षेत्रों का मूल्यांकन करें ताकि किसी और के पीछे जाने के बजाय, भारत उत्तर-कोविड दुनिया में आगे रहे। आइए सोचें कि किस प्रकार हमारे लोग अपनी क्षमताओं के साथ यह कर सकते हैं।
हमला करने से पहले कोविड-19 नस्ल, धर्म, रंग, जाति, वर्ग, भाषा या सीमाएं नहीं देखता। इस पर हमारी प्रतिक्रया और आचरण भी एकता और भाईचारे पर आधारित होना चाहिए। हम सभी इसके खिलाफ साथ हैं। इतिहास में पहले आए ऐसे क्षणों में समाज और देश एकदूसरे के खिलाफ खड़े थे, लेकिन आज अलग स्थिति है, सभी एक जैसी चुनौती का सामना कर रहे हैं। भविष्य एकता और साथ का होगा। विश्व को अगला बड़ा विचार भारत से वैश्विक समसामयिकता और उपयोगिता का होना चाहिए। इसमें केवल भारत नहीं, समस्त मानवता के लिए सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता होनी चाहिए।
हाल तक वस्तुओं के आदान-प्रदान व ढुलाई को सड़कों, गोदाम और बंदरगाहों के नजरिए से देखा जाता था। अब विशेषज्ञ अपने घरों में बैठे हुए वैश्विक सप्लाई तंत्र को नियंत्रित कर सकते हैं। भारत भौतिक और वर्चुअल क्षमता के साझे उपयोग से विश्व के लिए एक ऐसा नर्व सेंटर बन सकता है, जहां आधुनिक लेकिन जटिल सप्लाई तंत्र चलाया जाए। उत्तर कोविड-19 समय में आने वाले इस अवसर को हमें हासिल करना ही होगा। मेरा सभी से निवेदन है कि इस बारे में सोचें और योगदान दें।
चुनौती: फिटनेस और सेहत का ख्याल रखें
ब्रिंग योर ओन डिवाइज (बीवाईओडी) से वर्क फ्रॉम होम (डब्ल्यूएफएच) की ओर जाने पर काम और निजी मामलों में संतुलन साधने की नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन सबके बीच अपने फिटनेस और व्यायाम को न भूलें। योग को अपनी शारीरिक और मानसिक अवस्था को सुधारने में आजमाएं। भारत की पारंपरिक औषधि पद्धति भी शरीर को फिट रखने में उपयोगी रही हैं।
आयुष मंत्रालय ने स्वस्थ रहने के लिए एक प्रोटोकॉल भी जारी किया है, इसे देखें। आखिर में, कृपया आरोग्य मोबाइल एप जरूर डाउनलोड करें। यह एप भविष्य को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जो तकनीक के जरिए कोविड-19 को फैलने से रोकने में मदद करता है। इसे जितना ज्यादा डाउनलोड किया जाएगा, यह उतना ही प्रभावशाली होगा।