औरंगाबाद रेल हादसे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दुख जताते हुए श्रमिकों से अपील की है कि वे अपनी जान खतरे में नहीं डालें और आश्रय शिविरों में ही रहें। मजदूरों की यात्रा को लेकर व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार लगातार रेल मंत्रालय के संपर्क में है। एक ट्रेन जल्द ही मुंबई से रवाना होगी। मैं श्रमिकों से अपील करता हूं कि वे अपनी जान खतरे में न डालें। वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत देश के दिग्गज नेताओं ने जान गंवाने वाले मजदूरों को श्रद्धांजलि दी है।
सीएम ठाकरे ने श्रमिकों से कहा है कि जब तक उन्हें ट्रेन की समय-सारिणी के बारे में सूचना न दे दी जाए तब तक वे शिविरों से बाहर न निकलें। इन शिविरों में खाना और दवाओं की व्यवस्था है। सीएम ने शोक संतप्त परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
निडर प्रवासी मजदूर अब सिर्फ नंबर बनकर रह गए हैं, उनकी जिंदगी और मौत महज एक नंबर है। कुछ अपवादों को छोड़ दें तो केंद्र और राज्य सरकारों ने इन मजदूरों को उनके नसीब और समाज की दया पर छोड़ दिया है। -प्रशांत किशोर, राजनीतिक विश्लेषक
दुख जताने के लिए शब्द नहीं
रेलवे ट्रैक पर हुए इस हादसे पर दुख जताने के लिए कोई शब्द नहीं है। मेरी संवेदनाएं पीड़ितों के परिजनों के परिवारों के साथ हैं। उम्मीद है कि घायल जल्द स्वस्थ होंगे। - रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति
अमीरों के लिए दयावान, मगर मजदूरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं: मायावती
एक तरफ तो सरकार भूखे और लाचार लाखों प्रवासी मजदूरों से घोर अमानवीय व्यवहार करते हुये उनसे किराया भाड़ा वसूल कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ अमीरों के लिये दयावान बनी हुई है। अमीरों के जो बच्चे कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे थे, उनके लिये सरकार बसों का प्रबंध कर रही है और विदेशों में फंसे लोगों के लिए हवाई जहाज भी भेज रही है लेकिन गरीब मजदूरों के लिये कोई व्यवस्था नहीं कर रही। -मायावती, बसपा सुप्रीमो
मालगाड़ी से कुचले जाने से मजदूर भाई-बहनों के मारे जाने की खबर से स्तब्ध हूं। हमें अपने राष्ट्र निर्माणकर्ताओं के साथ किए जा रहे व्यवहार पर शर्म आनी चाहिए। मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। -राहुल गांधी
महाराष्ट्र रेल हादसे के कारण जान-माल का नुकसान शब्दों से परे हैं। मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन से संबंधित अधिकारियों से बात की है और हरसंभव सहायता करने के लिए कहा है। मेरी संवेदना शोक संतृप्त परिवारों के साथ है। -अमित शाह, गृहमंत्री
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में रेल दुर्घटना अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। इस हादसे में अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदना है। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। -राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री
नांदेड़ डिवीजन के बदनापुर व करमाड स्टेशन के बीच सोये हुए श्रमिकों के मालगाड़ी के नीचे आने का दुखद समाचार मिला। राहत कार्य जारी है, और जांच के आदेश दिए गए हैं। दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। -पीयूष गोयल, रेलमंत्री
औरंगाबाद से अपने घर लौट रहे कई श्रमिक भाइयों के ट्रेन हादसे में आकस्मिक निधन का दुखद समाचार मिला। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति देने तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। विनम्र श्रद्घांजलि। दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार स्वयं को अकेला न समझें, आपके साथ मैं और पूरी मध्य प्रदेश सरकार खड़ी है। मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्घव ठाकरे से भी लगातार बात कर रहा हूं और घायल श्रमिकों के उपचार में कोई भी कमी न रहे उसकी व्यवस्था कर रहा हूं। उसके अलावा प्रदेश सरकार की तरफ से हर एक मृतक श्रमिक के परिजनों को पांच लाख दिए जाएंगे और घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था की जाएगी। -शिवराज सिंह चौहान, सीएम मध्य प्रदेश