कोरोना वायरस के कारण विभिन्न क्षेत्रों को लगे झटके के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़े नकारात्मक असर को संभालने के लिए केंद्र सरकार जल्द बेलआउट पैकेज की घोषणा कर सकती है। बेलआउट पैकेज कितना हो, किन सेक्टरों को इस पैकेज का कितना हिस्सा मिले और इसके मापदंड क्या हों, इस पर सरकार में शीर्ष स्तर पर लगातार माथापच्ची हो रही है। सरकार द्वारा गठित कोविड-19 इकोनॉमिक रेस्पोंस टास्क फोर्स में भी बेल आउट पैकेज देने पर सैद्धांतिक सहमति है। इस बीच उद्योग जगत और सेलिब्रिटियों से दान के लिए पीएम अपील कर सकते हैं।
दुनिया के देशों के इतर भारत में उद्योगपति और सेलिब्रिटी मदद के लिए आगे नहीं आए हैं। अब तक वेदांता के अनिल अग्रवाल ने 100 करोड़, फिल्म निर्माता मनीष कुंद्रा ने तीन करोड़ और आनंद महिंदा ने वेंटिलेटर बनाने में मदद की घोषणा की है। सरकार चाहती है कि यह दायरा बढ़े। इसके लिए खुद पीएम मोदी मदद की अपील कर सकते हैं।
पीएम द्वारा वित्त मंत्री की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स ने कोरोना के कारण विभिन्न क्षेत्रों पर पड़े प्रतिकूल असर का लगातार अध्ययन किया है। इस अध्ययन में विभिन्न क्षेत्रों को हुए अलग-अलग नुकसान का आकलन किया गया है। आकलन के बाद ही टास्क फोर्स में बेलआउट पैकेज देने पर सैद्धांतिक सहमति बनी। इसके बाद सरकार में शीर्ष स्तर पर मंथन का दौर शुरू हुआ। गौरतलब है कि कोरोना के कारण सभी क्षेत्रों में भयावह प्रतिकूल असर पड़ा है।