लॉकडाउन के बीच शराब की बिक्री को लेकर कई राज्य सरकारों पर सवाल उठते रहे हैं। चाहे वो हरियाणा में लॉकडाउन के बावजूद शराब की बिक्री जारी रहने का मामला हो या फिर केरल में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए डॉक्टर द्वारा शराब की सलाह देने का। इसी बीच उत्तर पूर्व के दो राज्यों असम और मेघालय सरकार ने सोमवार से शराब की दुकानें खोलने का निर्णय लिया है।
रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि असम के आबकारी विभाग ने सोमवार से शराब की दुकानों, थोक गोदामों, बोतल प्लांट, भट्टियों को खोलने की अनुमति दी है। हालांकि इस दौरान बार पूरी तरह से बंद रहेंगे। दुकानों को कम से कम कर्मचारियों के साथ काम करने और बोतल या नकदी लेते समय ग्राहकों और कर्मचारियों को हैंड सैनिटाइजर देने के लिए कहा गया है।
थोक गोदामों, बोतल प्लांट, ब्रुअरीज और डिस्टिलरों को अपने नियमित कर्मचारियों और श्रमिकों में से केवल 50 प्रतिशत के साथ काम करना होगा। उन्हें अपने कर्मचारियों के परिसर या नजदीकी स्थान पर रहने की व्यवस्था भी करनी होगी। एक अधिकारी का कहना है कि जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है तब से देशी शराब का अवैध निर्माण और बिक्री कई गुना तक बढ़ गई है।
अधिकारी ने कहा कि यदि अधिकृत दुकानों को खोलने की इजाजत नहीं दी जाती है तो अवैध शराब पीने से लोगों के मरने की संभावना है। बता दें कि कोरोना वायरस संकट की वजह से भारत सहित दुनिया का एक तिहाई हिस्सा लॉकडाउन है। भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या नौ हजार से ऊपर पहुंच गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 35 लोगों की मौत हुई है। कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 9152 हो गई है। इनमें 7987 सक्रिय हैं, 856 स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 308 लोगों की मौत हो चुकी है। आज नागालैंड में कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला सामने आया है। वहीं, महाराष्ट्र में 82, उत्तर प्रदेश के आगरा में 30, गुजरात में 22, मध्यप्रदेश के इंदौर में 22, कर्नाटक में 15, आंध्र प्रदेश में 12, राजस्थान में 11 और मुंबई के धारावी में चार नए मामले सामने आए हैं।