कोरोना वायरस से देश में सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में सोमवार को 82 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 59 मामले मुंबई के हैं। इसी के साथ राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 2064 पहुंच गई है। वहीं, एशिया के सबसे बड़े झुग्गी बस्ती धारावी में कोरोना संक्रमित मरीजों के रोज नए मामले आने से उद्धव सरकार की चिंता बढ़ गई है।
मुंबई के धारावी में कोरोना वायरस संक्रमण से एक व्यक्ति की मौत समेत चार नए मामले सोमवार को सामने आए और इसके साथ ही इस झुग्गी-बस्ती इलाके में संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 47 हो गई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने बताया कि धारावी में संक्रमण से मरने वालों की संख्या पांच हो गई है।
कोरोना वायरस संक्रमण के तीन नए मामले मदीना नगर, जनता को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी और गुलमोहर चॉल में सामने आए हैं। अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा 60 वर्षीय एक व्यक्ति की सियोन अस्पताल में मौत हुई उसके नमूनों की जांच के बाद उसके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
उन्होंने बताया कि इन लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है। एशिया के सबसे बड़े झुग्गी-बस्ती इलाके धारावी की 16 पॉकेट में कोरोना वायरस संक्रमण के 47 मामले सामने आए हैं।
आवास मंत्री जितेन्द्र आव्हाड ने खुद को किया पृथक
महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेन्द्र आव्हाड ने कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए एक व्यक्ति के सम्पर्क में आने के बाद खुद को सबसे अलग करने का सोमवार को फैसला किया। सूत्रों ने बताया कि मंत्री हाल ही में एक पुलिस अधिकारी से मिले थे, जो कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है।
इसके बाद अव्हाड ने एहतियाती तौर पर अगले कुछ दिनों के लिए खुद को पृथक (आइसोलेट) करने का फैसला लिया। अव्हाड ठाणे जिले के कलवा-मुंब्रा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां पिछले कुछ सप्ताह में कई लोग संक्रमित पाए गए हैं। अव्हाड खुद को पृथक करने वाले राज्य के पहले मंत्री हैं।
गृह मंत्री का दावा- तब्लीगी जमात से जुड़े 58 लोगों में से 40 का पता चला
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र से लापता तब्लीगी जमात के 58 सदस्यों में से 40 का पता लगा लिया गया है और उन्हें पृथक वास में रखा गया है। ये 58 लोग पिछले महीने दिल्ली के निजामुद्दीन में जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
मंत्री ने कहा कि इस इस्लामिक संगठन के बाकी 18 सदस्य अब भी लापता हैं तथा उन्हें ढूढ़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह तक इस संगठन के 58 सदस्य लापता थे इनमें से कई व्यक्तियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए थे जिस वजह से उन्हें ढूढना मुश्किल हो रहा था।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने बड़ी कर्मठतापूर्वक हर सूचना पर काम किया और उनमें से 40 को ढूंढ निकाला। उन सभी को संस्थानात्मक पृथक वास में रखा गया है और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार कोरोना वायरस को लेकर उनकी लार का परीक्षण किया जाएगा।
मंत्री ने इन 40 लोगों के बारे में कहा कि वे भारतीय हैं। हमने उन्हें पृथक वास में रहने की जरूरत को लेकर राजी किया है। यदि उनमें कोई लक्षण नहीं नजर आएगा या कोरोना वायरस के परीक्षण में संक्रमण की पुष्टि नहीं होती हो तो सरकार निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर उन्हें छोड़ देगाी।
उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकिारी पहले ही ऐसे 156 विदेशियों का पता लगा चुके हैं जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था उन पर वीजा के दुरुपयोग समेत विभिन्न अपराधों को लेकर मामला दर्ज किया गया है। निजामुद्दीन का धार्मिक कार्यक्रम देश में कोविड-19 के अतिप्रभावित क्षेत्रों में से एक के रूप में उभरा है।