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देश में कोरोना का सामुदायिक फैलाव नहीं, कुछ राज्यों में स्थानीय स्तर पर फैलाव संभव- एम्स

Tue, 21 Jul 2020 12:27 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश में कोरोना संक्रमण का सामुदायिक फैलाव नहीं- एम्स - फोटो : पीटीआई
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दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कोरोना वैक्सीन परीक्षण के लिए लोगों का पंजीयन शुरू हो चुका है। इसी बीच सोमवार को एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने साफ तौर पर कहा कि देश में अभी भी संक्रमण का सामुदायिक फैलाव नहीं है। कुछ शहरों के कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर ऐसा देखा गया है।

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डॉ गुलेरिया ने कहा कि अगर दक्षिणी राज्यों में संक्रमण की स्थिति देखें और इटली, अमेरिका या अन्य देशों से तुलना करें तो भारत में संक्रमण कम प्रभावी दिखेगा। अभी तक भारत में कोरोना वायरस के म्यूटेशन में बदलाव नहीं आया है।

उन्होंने आईसीएमआर के सीरो सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि एक फीसदी से भी कम आबादी में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी मिले थे। जिसके आधार पर यह साबित हुआ था कि देश में संक्रमण का सामुदायिक फैलाव नहीं हुआ है।
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इससे पहले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने देश में कोरोनावायरस के सामुदायिक फैलाव की पुष्टि की थी। सोमवार को भी आईएमए ने अपने इस बयान पर कायम रहने की बात कही।

तीन दिन में एक लाख मरीज
आंकड़ों के मुताबिक 30 जनवरी को देश में पहला केस मिलने के बाद एक लाख मरीज होने में 110 दिन लगे थे और 62 दिन में दस लाख से ज्यादा मरीज मिले हैं। 11 जुलाई से हर तीन दिन में एक लाख मरीज मिल रहे हैं। पहले यह आंकड़ा चार, पांच, आठ और 15 दिन था।

क्या अगस्त में छह लाख होंगे सक्रिय मामले
विशेषज्ञों के मुताबिक चार फीसदी के औसत से मामले बढ़ रहे हैं। अगर स्थिति नहीं बदली तो अगस्त में सक्रिय मरीजों की संख्या छह लाख से ज्यादा होगी, जो अभी चार लाख से कम है।

पांच राज्यों में सबसे ज्यादा मरीज
मंत्रालय के अनुसार कोरोना के महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा केस हैं। 

1125 लोगों पर होना है परीक्षण
दरअसल, कोरोना वायरस के इस पहले स्वदेशी टीके पर दो चरण का परीक्षण 1125 लोगों पर किया जाना है। पहले चरण के लिए 18 से 55 वर्ष के 375 लोग होंगे। जबकि दूसरे चरण के लिए 12 से 65 वर्ष की 750 लोग होंगे। यह पूरे देश का आंकड़ा है। दिल्ली एम्स में पहले चरण में 100 और दूसरे चरण में करीब 250 लोग शामिल हो सकते हैं।

डोज देने के बाद 28 दिन तक निगरानी
डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने बताया कि एम्स में पहले चरण के लिए वॉलिंटियर्स का पंजीयन हो रहा है। 28 दिन तक उन लोगों की निगरानी की जाएगी, जिन्हें वैक्सीन की तीन माइक्रोग्राम डोज दी जाएगी। दूसरे चरण में डोज छह माइक्रोग्राम यानी दोगुना कर दी जाएगी। इसके बाद ये देखा जाएगा कि शरीर में एंटीबॉडी ज्यादा से ज्यादा बन रहे हैं या नहीं। तीसरे चरण में ज्यादा आबादी को वैक्सीन दी जाएगी।

पीक देख चुका है दिल्ली
डॉ गुलेरिया ने कहा कि दिल्ली कोरोना का पीक देख चुका है। राजधानी में हालात सामान्य हो रहे हैं। डॉक्टर गुलेरिया ने यह भी कहा था कि एक बार पीक देखने के बाद यह दोबारा अपना असर दिखा सकता है।

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