बीएमसी की उप-स्वास्थ्य अधिकारी दक्षा शाह ने कहा कि अन्य मरीजों की सुरक्षा के लिए इन अस्पतालों को 14 दिनों की अवधि के लिए बंद रखना आवश्यक है। हम लगातार वार्डों को कीटाणुरहित कर रहे हैं और करीबी संपर्कों के नमूने ले रहे हैं। यह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ डॉक्टरों का कहना है कि इस महामारी के दौरान 14 दिनों के लिए अस्पतालों को सील करना सही नहीं है।
राजस्थान में 50 चिकित्साकर्मी संक्रमित
राजस्थान में जयपुर के सूरजपोल इलाके में चिकित्साकर्मियों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद एक छोटे निजी अस्पताल को गुरुवार को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमित चिकित्साकर्मियों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 50 हो गई है। उनमें से कुछ स्वस्थ हो गए हैं। इससे पहले तीन डॉक्टरों और 14 चिकित्साकर्मियों में कोविड-19 की पुष्टि होने के बाद भीलवाड़ा में एक निजी अस्पताल को सील कर दिया गया था।
हरियाणा में तीन चिकित्साकर्मी पॉजिटिव
हरियाणा में पंचकुला के एक सामान्य अस्पताल में एक नर्स, गुरुग्राम में सिविल अस्पताल में एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट और फरीदाबाद में एक मलेरिया कार्यकर्ता कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। एहतियात को तौर पर इन अस्पतालों के कुछ मुख्य हिस्सों को बंद कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में एक डॉक्टर संक्रमित पाया गया था। पश्चिम बंगाल में हावड़ा जिला अस्पताल जहां दो व्यक्तियों की कोरोना से पिछले 10 दिनों में मृत्यु हो गई थी, यहां के चिकित्सा अधीक्षक की बुधवार रात को कोविड-19 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार सुबह अस्पताल में एक चिकित्साकर्मी भी कोरोना पीड़ित पाया गया।
आयुष्मान भारत योजना में शामिल हुए सभी चिकित्साकर्मी
बता दें कि सभी चिकित्साकर्मी अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना 'आयुष्मान भारत' के अंतर्गत शामिल किए गए हैं। कुछ राज्य सरकारों ने उन्हें अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा कवर भी प्रदान किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस बीमारी के कारण मरने वाले किसी भी चिकित्साकर्मी के लिए मुआवजे की घोषणा की है। कई अन्य राज्य सरकारों ने भी इसी तरह के मुआवजे की घोषणा की है।