हालांकि अभी भी कई प्रमुख मंदिर बंद है, लेकिन जहां मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिए गए हैं वहां प्रशासन कोरोना के तीसरी लहर की आशंका के कारण सतर्क है। इसलिए जो मंदिर खोले गए हैं वहां भक्तों के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने या फिर आरटी-पीसीआर रिपोर्ट का होना जरूरी कर दिया है। हाल ही में जगन्नाथपुरी मंदिर के प्रशासकों ने केवल उन्हीं लोगों को रथ खींचने की अनुमति दी जिनके पास आरटी-पीसीआर निगेटिव रिपोर्ट थी और जिन्हें टीके का दोनों डोज लग चुका हो। अभी वहीं उत्तर प्रदेश में प्रवेश से पहले कांवड़ यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट दिखाना आवश्यक है। साथ ही भक्तों के लिए मास्क लगाना, समय-समय पर हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य किया गया है।
आइए जानते हैं कि देश के किन-किन मंदिरों में भक्तों के लिए आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट जरूरी है।
माता वैष्णो देवी
माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो आपके पास 48 घंटे पुरानी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट होनी चाहिए। इसके बिना आपको प्रवेश की इजाजत नहीं मिलेगी। श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने यात्रियों से रिपोर्ट साथ में लाने का अनुरोध किया है। जिससे वे परेशानी से बच सकें। जिन यात्रियों ने 48 घंटे पहले अपना कोरोना टेस्ट नहीं कराया है उनके लिए रेलवे स्टेशन कटड़ा, हैलीपैड, दर्शनी ड्योढ़ी और ताराकोट मार्ग पर जांच की व्यवस्था की गई है।
उज्जैन-
उज्जैन का महाकाल मंदिर भी दर्शन के लिए खोल दिया गया है। मंदिर में केवल उन्हीं भक्तों को प्रवेश केरने की इजाजत है जिनके पास कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव होगी। भक्तों के प्रवेश के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य किया गया है।
काशी-
धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करना हों या फिर अन्य प्रमुख मंदिरों में पूजा के लिए जाना हो, आपके पास आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट होना जरूरी है। इस रिपोर्ट के बिना आपको मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं मिलेगी।