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महाराष्ट्र: ऑक्सीजन का इस्तेमाल सिर्फ कोरोना मरीजों के लिए करने पर विचार, लॉकडाउन पर ठाकरे ने नहीं किया खुलासा

Sat, 03 Apr 2021 08:06 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • सीएम ने की महाराष्ट्र के अखबार मालिकों व संपादकों से चर्चा
  • देश के आधे नए मरीज मिल रहे हैं महाराष्ट्र में
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उद्धव ठाकरे - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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देश में कोविड-19 के रोज सामने आ रहे नए मामलों में से आधे से अधिक महाराष्ट्र में सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ऑक्सीजन का इस्तेमाल सिर्फ चिकित्सा के लिए ही करने का निर्णय ले सकती है। 

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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने समाचार पत्र मालिकों, संपादकों और वितरकों के साथ ऑनलाइन संवाद में कहा कि महामारी से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की है कि राज्यव्यापी लॉकडाउन होगा या नहीं।

महाराष्ट्र में शनिवार को करीब 50 हजार नए मामले आए, जबकि शुक्रवार को कोविड-19 के 47827 नए मामले सामने आए थे। वहीं देश में एक दिन में कोविड-19 के कुल 89,129 नए मामले सामने आए।
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अभी 20 फीसदी ऑक्सीजन उद्योगों के लिए हो रही उपयोग
ऐसे में जब ऑक्सीजन की मांग में वृद्धि हो रही है राज्य के जन स्वास्थ्य विभाग ने पिछले महीने ऑक्सीजन निर्माताओं को निर्देश दिया था कि वे अपने स्टॉक में से 80 प्रतिशत हिस्सा चिकित्सकीय उपयोग के लिए आपूर्ति करें जबकि बाकी 20 प्रतिशत औद्योगिक उद्देश्यों के लिए बनाए रखें।

एक अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की दैनिक मांग 700 मीट्रिक टन हो गई है जबकि राज्य की उत्पादन क्षमता 1200 मीट्रिक टन से अधिक है। चिकित्सकीय उपयोग के लिए 80 प्रतिशत आपूर्ति निर्धारित करने से संबंधित एक अधिसूचना मंगलवार को जारी की गई थी। इसमें कहा गया था कि यह नियम पूरे महाराष्ट्र में लागू होगा और 30 जून तक प्रभावी रहेगा।

राज्य में महामारी की स्थिति खतरनाक, जीवन बचाने को प्राथमिकता

ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार मामलों में वृद्धि और राज्य में स्थिति 'खतरनाक' होने के चलते शेष 20 प्रतिशत का उपयोग भी चिकित्सा के लिए निर्धारित करने पर विचार कर रही है। अगर कोई ऐसा समय आता है जब किसी की आजीविका छीनती है, तो नाराजगी होना लाजमी है, लेकिन यदि दुविधा यह है कि जीवन बचाएं या नौकरी तो जीवन को प्राथमिकता देना जरूरी है। ठाकरे ने कहा कि राज्य सरकार जांच की संख्या बढ़ा रही है और साथ ही संक्रमण के एक भी मामले को छुपा नहीं रही है।

 
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ई-आईसीयू व टेलीमेडिसिन का उपयोग बढ़ेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ई-आईसीयू खोलने और टेलीमेडिसिन का उपयोग बढ़ाने जैसे कदमों पर भी विचार कर रही है। हम पिछले एक साल से लोगों से कह रहे हैं। मुझे लगता है कि अगर सभी लोगों, चाहे निजी कार्यालय हों या दुकानें, काम करने के घंटों को पालियों में बांटने के हमारे निर्देशों को लागू किया होता तो शायद स्थिति इतने खतरनाक स्तर तक नहीं पहुंची होती।’’

महामारी से जंग में सियासत न हो
महामारी से निपटने के बारे में भाजपा नेताओं के दावे की ओर परोक्ष तौर पर इशारा करते हुए ठाकरे ने कहा कि कोरोना से जंग में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
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